गुरु के अनुग्रह के बिना ज्ञान प्राप्त नहीं होता : नृत्य गोपालदास
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि न्यास अध्यक्ष मणिराम दास छावनी महंत नृत्य गोपाल दास महाराज ने बुधवार को भक्तों को गुरु पूर्णिमा का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि गुरु को गुरु इसलिए कहा जाता है कि वह अज्ञान तिमिर का अपने ज्ञानांजन द्वारा बड़े ही सरलतापूर्वक निवारण कर देता है।
कहा कि आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा कहते हैं इस दिन गुरु पूजा का विधान है। गुरु पूर्णिमा वर्षा ऋतु के आरंभ में आती है। इस दिन से चार महीने तक परिव्राजक साधु-संत एक ही स्थान पर रहकर ज्ञान की गंगा बहाते हैं। उन्होंने कहा कि साधना के क्षेत्र में गुरु को भगवान से भी ऊंचा दर्जा दिया गया है क्योंकि उनके अनुग्रह के बिना ज्ञान प्राप्त नहीं होता। इस दौरान उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, मणिराम दास छावनी ट्रस्ट सचिव कृपालु राम दास पंजाबी बाबा, संत जानकी दास, नरोत्तम दास, महंत राम गोपाल दास, संत बलराम दास, रामदास, रामजी दास, रामरक्षा दास, दीपक शास्त्री समेत अन्य मौजूद रहे।