सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग का हुआ रुद्राभिषेक
अयोध्या। भगवान शंकर की पूजा से भगवान राम प्रसन्न होते हैं। भगवान शिव के अभिषेक से राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा। रामचरित मानस में वर्णित है कि भगवान श्रीराम स्वयं कहते हैं कि-शिव द्रोही मम दास कहावा सो नर सपने हुए मोहिं न भावा...। रामचरित मानस में जो शिवभक्ति से दूर है, वो सपने में भी मुझे नहीं भाता है। लंका विजय के लिए भगवान राम ने भी शिवलिंग की स्थापना कर उनकी आराधना की थी। भगवान शिव की कृपा से राममंदिर का निर्माण होगा अब इसमें कोई संशय नहीं है। यह बातें हिंदू धाम में राममंदिर निर्माण को संकल्पित सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग रुद्राभिषेक अनुष्ठान के अंतिम दिवस को व्यास पीठ से संबोधित करते हुए महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कही।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव की आराधना से सभी बाधाएं दूर होती है। अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण की भी बाधाएं सवा करोड़ रुद्राभिषेक अनुष्ठान से दूर होंगी। अनुष्ठान के संयोजक महंत दिलीप दास ने बताया कि राममंदिर के लिए सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग रुद्राभिषेक बुधवार को पूर्ण हुआ। अनुष्ठान के क्रम में 22 फरवरी को विराट संत सम्मेलन का आयोजन किया गया है। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में संघ के इंद्रेश व भाजपा नेता कैलाश विजय वर्गीय, मेयर अयोध्या ऋषिकेश उपाध्याय समेत विभिन्न प्रांतों से संत-महंत शामिल होंगे। रुद्राभिषेक के दौरान महंत रामप्रकाश दास, महामंडलेश्वर बजरंग दास, डॉ. संतोष पांडेय, डॉ. देवेशाचार्य, आचार्य शिवकुमार समेत विभिन्न प्रांतों से आए संत-महंत व भक्त मौजूद रहे।