फैजाबाद। नवसृजित अयोध्या के पहले नगर आयुक्त एस राजलिंगम 65 दिन में ही चले गए। रामनगरी के साथ दोनों शहरों को उनके कार्यकाल में कुछ नया नहीं मिल पाया।
नगर आयुक्त का ज्यादा समय अवकाश में ही बीत गया। अब नए नगर आयुक्त महेंद्र प्रसाद की तैनाती की गई है। नए आयुक्त सामने कई चुनौतियां होगीं।
नवसृजित नगर निगम अयोध्या के पहले नगर आयुक्त एस राजलिंगम ने 20 जुलाई को कार्यभार संभाला था। 2009 बैच के आईएएस अफसर एस राजलिंगम ने इस ऐतिहासिक नगरी को स्वच्छता और सुविधाएं प्रदान करना अपनी पहली प्राथमिकता बताई थी।
स्वच्छता के तहत सालिड वेस्ट मैनेजमेंट, सीवरेज, ड्रेेनेज सिस्टम को व्यवस्थित किए जाने का प्रयास किए जाने की बात कही थी।
नगर में जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए पहले ट्यूबवेल, पाइप लाइन और कनेक्शन की स्थिति सुधारने की पहल करने को कहा था।
जल भराव, सड़कों की स्थति में सुधार, केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं को अयोध्या नगर में लाने का प्रयास, जल, सफाई व्यवस्था के साथ मूलभूत सुविधाओं के विकसित करने के उनके दावे में एक भी पूरा नहीं हो पाया।
अलबत्ता उनका ज्यादा समय अवकाश पर ही बीत गया। सुल्तानपुर के डीएम सहित अन्य पदों पर रहने वाले राजलिंगम को अयोध्या रास नहीं आई। कारण चाहे कुछ भी रहा हो लेकिन 65 दिन में ही वे वापस लौट गए।
अब नए नगर आयुक्त महेंद्र प्रसाद के सामने कई चुनौतियां होगीं। दो नगर पालिकाओं से नगर बने जुड़वा शहर का सीमा विस्तार सबसे बड़ा काम है। यहां शहर बने दर्जनभर इलाके अभी ग्राम सभा हैं।