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जरूरत 14.84 लाख किताबों की, आई मात्र 3.30 लाख किताबें

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जरूरत 14.84 लाख की, मिलीं सिर्फ 3.30 लाख किताबें
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अयोध्या। कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर परिषदीय स्कूलों में भी नए शैक्षिक सत्र का शुभारंभ हुए 24 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक पढ़ाई के लिए पर्याप्त किताबों का इंतजाम नहीं हो सका है।

14.84 लाख किताबों के सापेक्ष अभी तक मात्र 3.30 लाख किताबें ही प्राप्त हुई हैं। अंग्रेजी माध्यम के 146 स्कूलों के लिए एक भी किताब नहीं आई है। जबकि किताबों की आपूर्ति की समय-सीमा भी लगभग समाप्त होने वाली है।
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हालांकि विभाग समय पर समस्त किताबों की उपलब्धता व वितरण का दावा कर रहा है। जिले में 1529 प्राथमिक विद्यालय व 566 जूनियर हाईस्कूल संचालित हैं। यहां बीते वर्ष तक 1,90,933 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे।

इन स्कूलों में बच्चों को लुभाने के लिए सरकार की ओर से मुफ्त शिक्षा, ड्रेस, कॉपी-किताब, मध्याह्न भोजन, जूता-मोजा, स्वेटर आदि का वितरण किया जाता है। समय पर कार्ययोजना न बन पाने व सिस्टम की तमाम नाकामियों से इसका समय पर लाभ नहीं मिल पाता है।

जिसको लेकर सरकार की प्रतिवर्ष किरकिरी होती है। गतवर्ष विलंब से किताबें प्राप्त हुईं और दिसंबर तक वितरण होता रहा। अर्ध वार्षिक परीक्षा होने तक बच्चों को किताबें नहीं मिलीं।

आलम यह रहा कि बिना कॉपी-किताब के ही बच्चे जुगाड़ से शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हुए, जिसको लेकर विभाग की खूब किरकिरी हुई। इस बार व्यवस्था में सुधार तो किया गया, लेकिन कमोवेश स्थिति गत वर्ष की तरह ही है।

परिषदीय व सहायता प्राप्त स्कूलों के कुल दो लाख 22 हजार 921 छात्र-छात्राओं के लिए 14 लाख 84 हजार 618 पाठ्य पुस्तकें क्रय करने का आदेश 10 मार्च को ही जारी किया गया।

इनमें प्राइमरी के एक लाख 47 हजार 825 व जूनियर हाईस्कूल के 75 हजार 96 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। छात्र-छात्राओं के लिए कार्य पुस्तिका सहित कुल 106 प्रकार की पुस्तकों के लिए आदेश किया गया और 30 अप्रैल तक आपूर्ति की अंतिम तिथि तय की गई।

लेकिन सत्र शुरू होने के 24 दिन बीतने को है। तय समयसीमा बीतने में भी सप्ताह भर का समय शेष है, अब तक कुल करीब 3.30 लाख किताबें ही प्राप्त हुई हैं।

दूसरी ओर इस बार अंग्रेजी माध्यम के नव चयनित 84 और स्कूलों को मिलाकर कुल 146 स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाया गया है। जिनमें अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई होना है। लेकिन इन स्कूलों में पढ़ाई पुराने ढर्रे पर है।

न तो इनके लिए एक भी किताब उपलब्ध हुई है, न ही अंग्रेजी माध्यम के हिसाब से पढ़ाई हो रही है। जो किताबें मिली भी हैं, वे हिंदी माध्यम की हैं। ऐसे में अभी इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पुराने ढर्रे पर शिक्षा ग्रहण करनी होगी।
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बीएसए अमिता सिंह जिले के करीब 2.23 लाख बच्चों को 14.84 लाख पाठ्य पुस्तकों के क्रय करने का आदेश हुआ है। आपूर्ति की जा रही है। अब तक करीब 3.30 लाख किताबें मिली हैं, जिनका वितरण किया जा रहा है। शेष किताबें भी 30 अप्रैल तक प्राप्त हो जाएंगी।
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