रामनगरी में अमृत योजना के दूसरे चरण में बिछेगी 30.25 किलोमीटर पाइप लाइन
अयोध्या। रामनगरी को पर्यटन दृष्टि से विकसित करने के लिए तमाम योजनाओं पर काम चल रहा है। अब 16.24 करोड़ से धर्मनगरी की पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने की योजना है। जलनिगम ने अयोध्या की पेयजल व्यवस्था को सुधारने के लिए अमृत योजना के तहत विभिन्न कार्य शुरू कर दिए हैं।
अमृत योजना के तहत खास तौर पर विद्याकुंड, हनुमानकुंड, रायगंज, सीताकुंड, कजियाना, रानोपाली व गोलाघाट वार्ड सहित कई स्थानों पर 30.25 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसके साथ ही नए भूमिगत जलाशय, नलकूप व सभी नलकूपों का ऑटोमाइजेशन होगा। इससे लोगों को आसानी से शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा।
जल निगम से एक बार फिर से नई विकसित कॉलोनियों व छूटे मोहल्लों में पेयजल व्यवस्था को बेहतर करने के लिए पाइप लाइन बिछाने की योजना बनाई है। अमृत योजना के पहले चरण में 1.51 करोड़ का काम चल रहा है। प्रथम चरण में कुल 2375 परिवारों को पानी कनेक्शन दिए जाने हैं। जिनमें से अब तक 1243 परिवारों को कनेक्शन दिए जा चुके हैं, शेष के लिए कार्य जारी है।
दूसरे चरण में 30.25 किमी. पाइप लाइन बिछाने का कार्य किया जाएगा। इसके तहत 719 घरों में पेयजल कनेक्शन प्रदान किया जाना है। दूसरे चरण की योजना का बुधवार को शुभारंभ होना था लेकिन अपरिहार्य कारणोें से यह टल गई। दूसरे चरण की योजना में दो भूमिगत जलाशय बनाए जाएंगे। जबकि 719 घरों को पेयजल कनेक्शन प्रदान किया जाएगा।
योजना को लेकर अनुबंध की कार्रवाई पूर्ण कर ली गई है, शीघ्र ही इसका शिलान्यास कर कार्य शुरू किया जाना है। रामनगरी की पेयजल व्यवस्था केा सुधारने के लिए खराब पड़े नलकूपों को भी दुरुस्त कराया जाएगा। साथ ही साथ समस्त नलकूपों एवं जलाशयों के आटोमाइजेशन का कार्य भी किया जाएगा।
नलकूपों में आटोमाइजेशन प्रणाली विकसित किए जाने से पेयजल व्यवस्था में काफी हद तक सुधार की उम्मीद है। इसके लिए जलकल में कंप्यूटरीकृत रूम बनाया जाएगा। यहां से स्टाफ के जरिए सभी नलकूप संचालित होंगे। अभी तक सभी नलकूपों पर एक-एक कर्मचारी को नलकूप संचालन के लिए लगाया जाता रहा है।
अयोध्या में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए वर्ष 2009 से लेकर 2011 के बीच पेयजल पाइप लाइन डाली गई थी। इसमें ओवरहेड टैंक, भूमिगत जलाशय भी बनाए गए थे। मौजूदा समय में अयोध्या में 17 नलकूप, 5800 लीटर क्षमता वाले सात जलाशय उपलब्ध हैं। निर्मित नलकूपों से नगर में 151 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन की दर से जलापूर्ति की जा रही है।
मुख्य अभियंता जल निगम एके सिंह ने बताया कि अमृत पेयजल योजना के पहले चरण का काम चल रहा है। दूसरे चरण में 16.24 करोड़ खर्च होंगे। नई विकसित कॉलोनियों और छूटे मोहल्लों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पाइप लाइन डाली जाएगी। साथ ही भूमिगत जलाशय, नलकूप व सभी नलकूपों का ऑटोमाइजेशन होगा।