जिला पंचायत बोर्ड की बैठक : हंगामे के बीच 38.90 करोड़ का बजट पास
अयोध्या। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में बुधवार को हंगामे के बीच वित्तीय साल 2019-20 के छह माह सितंबर तक के लिए 38 करोड़ 89 लाख 81 हजार 997 रुपये का बजट पास हो गया। प्रस्तावित साढ़े नौ करोड़ रुपये के लाभ का है। मगर, बैठक शुरू होते ही वित्तीय अनियमितता के तमाम आरोप लगाते हुए सदस्यों ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया।
साथ ही कई सदस्यों ने बहिष्कार करने की घोषणा करते हुए सदन से वाक आउट किया। उनका आरोप था कि कोरम न पूरा होने के बावजूद भी बजट पास कर दिया गया। इन सदस्यों ने डीएम से मुलाकात कर बैठक निरस्त करने और नए सिरे से बैठक कराने की मांग भी उठाई है। जिला पंचायत परिसर के स्व. अटल बिहारी बाजपेयी सभागार में बुधवार को आयोजित बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई।
बैठक साल 2018-19 के पुनरीक्षित आय-व्यय और वर्ष 2019-20 की कार्ययोजना के साथ लाइसेंस की दरों में संशोधन, नक्शा उपविधि, कांजी हाउस निर्माण सहित अन्य मुद्दों को लेकर बुलाई गई थी। बैठक शुरू होने के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि के रूप में उनके पति के मौजूदगी के साथ अन्य प्रतिनिधियों को लेकर आरोप लगने लगे।
एक ओर सपा नेता व जिला पंचायत सदस्य शंभू नाथ सिंह के साथ कई जिला पंचायत सदस्य लामबंद थे तो दूसरी ओर विधायकों के साथ अन्य लोग बहस में हिस्सा ले रहे थे। विपक्षी सदस्यों ने वित्तीय अनियमितता के तरह-तरह के आरोप लगाए। बहस के दौरान कई सदस्य मंच तक भी पहुंचे और टकराव की नौबत आई। जिला पंचायत साल में दो बार बजट पास करती है।
आरोप-प्रत्यारोप के बीच 2019-20 में सितंबर के लिए बोर्ड ने नौ करोड़ 61 लाख 90 हजार 837 रुपये बचत का बजट पास किया। कुल 38 करोड़ 89 लाख 81 हजार 997 रुपये विकास के लिए अनुमोदित किया गया। जबकि 29 करोड़ 27 लाख 91 हजार 160 रुपये खर्च का प्रस्ताव है। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य शंभू सिंह ने फर्जी हस्ताक्षर कर बजट पास करवाने का आरोप लगाया।
इसके बाद कई सदस्यों ने सदन से वाक आउट कर दिया। दीपू ने 26 जिला पंचायत सदस्यों के वाक आउट का दावा किया। कहा कि जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर से बजट पास करवाया गया। इसको लेकर उन लोगों ने डीएम से भी मुलाकात कर इसके बार में जानकारी दी। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी उमेश चंद्र का कहना है कि लाइसेंस की दरों में संशोधन के अलावा सभी प्रस्ताव पारित हो गए। बताया कि अगले वित्तीय साल के लिए साढ़े नौ करोड़ से ज्यादा के लाभ का बजट पास किया गया है।
उन्होंने सदस्यों के बहिष्कार के सवाल पर कहा कि केवल शंभू नाथ सिंह ने बहिष्कार किया। बैठक में अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्त, रुदौली विधायक राम चंद्र यादव, गोसाईगंज विधायक इंद्र प्रताप तिवारी, बीकापुर विधायक शोभा सिंह, रुदौली विधायक गोरखनाथ, सीडीओ अभिषेक आनंद के साथ अन्य अफसर मौजूद थे।
बोर्ड की बैठक से निकले सदस्यों ने एक होटल में पहुंचकर बैठक की। अध्यक्षता कर रहे जिला पंचायत सदस्य शंभू नाथ सिंह ने बताया कि बैठक मेें सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष श्वेता सिंह पर समय पर बैठक न बुलाने, मनमाने तरीके से काम करने, फर्जी यात्रा दिखाकर डीजल का भुगतान किए जाने, जिला पंचायत व विद्यालयों की पत्रावलियों पर अध्यक्ष के पति विमल से हस्ताक्षर किए जाने, बिना प्रकाशन कराए दूसरों के नाम आवंटित करने, भ्रष्टाचार व परिवारवाद का आरोप लगाया।
कहा कि इस बैठक को रद्द किया जना चाहिए। इसी को लेकर जिलाधिकारी से मुलाकात की गई। यदि इसे रद्द करके फिर बैठक न बुलाई गई और सदस्यों को संतुष्ट न किया गया तो अविश्वास प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। बैठक में रेखा चौधरी, हेमलता, भोला नाथ सिंह, मीना देवी, इस्मत जहां, प्रियंका वर्मा, विनय कुमार सिंह, राजित राम सहित अन्य जिपं सदस्य मौजूद थे।