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बिना परमिशन गूंज रहे लाउडस्पीकर के शोर, लोग परेशान

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बिना अनुमति गूंज रहे लाउडस्पीकर, लोग परेशान
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फैजाबाद। जिले में करीब 1166 स्थानों पर लगे दुर्गा मां के पंडालों में लगे लाउड स्पीकरों व डीजे के माध्यम से मां के भजन चारों तरफ सुनाई दे रहे हैं। ऊंची और तेज आवाज में बज रहे ये डीजे व लाउडस्पीकर प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्न लगा रहे हैं।

हाल ये है कि एक-एक पंडाल में कई बड़े-बड़े साउंड बॉक्स लगे हुए हैं। जिनसे निकल रही आवाज निर्धारित मानक से कई हजार गुना ज्यादा है। नियमानुसार सार्वजनिक स्थल पर 10 डिसिबेल से ज्यादा और निजी स्थल पर 5 डिसिबल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
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सार्वजनिक स्थलों पर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउड स्पीकरों का प्रयोग नहीं करने के आदेश हैं। इसके बावजूद पंडालों के आसपास लगे दर्जनों साउंड बॉक्स के अलावा दूर-दूर तक लाउड स्पीकरों से रात-दिन बेरोक-टोक बजाया जा रहा है।

सिटी मजिस्ट्रेट वैभव शर्मा के अनुसार शहर में 72 दुर्गा पूजा कमेटियों ने इसके लिए अनुमति ली है, जबकि कुछ अन्य आवेदनों पर विचार किया जा रहा है। जबकि यहां पर 200 से ज्यादा पंडालों में लाउडस्पीकर लगे हुए हैं।

वहीं, अयोध्या के रेजिडेंट मजिस्ट्रेट अशोक कुमार के अनुसार अयोध्या में किसी ने अनुमति के लिए आवेदन ही नहीं किया है। यहां भी करीब 40 स्थानों पर पंडालों में नियमों के विपरीत साउंड बज रहे हैं।

नियमानुसार शादी विवाह व अन्य सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रमों में साउंड व डीजे बजाने के लिए स्थानीय मजिस्ट्रेट से अनुमति लेना अनिवार्य है। नियम के अनुसार पारंपरिक कार्यक्रमों को अनुमति देना अनिवार्य भी है।

बजने वाले साउंड की आवाज सार्वजनिक स्थल पर 10 डिसिबेल (डीबी) से ज्यादा और प्राइवेट प्लेस पर 5 डिसिबल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। सार्वजनिक स्थलों पर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउड स्पीकरों का प्रयोग नहीं करने के आदेश हैं।

हालांकि राज्य सरकार साल में अधिकतम 15 दिनों के लिए सांस्कृतिक, धार्मिक कार्यों के लिए रात 10 से 12 बजे के बीच लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की छूट दे सकती है।

वहीं, बिना अनुमति लाउडस्पीकर का प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण 1986 अधिनियम की धारा 15 के तहत दंडनीय अपराध है। उल्लंघन करने वालों पर ध्वनि प्रदूषण नियम 2000 के तहत पांच साल कैद या एक लाख का जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।

नगर मजिस्ट्रेट वैभव शर्मा का कहना है कि परंपरागत कार्यक्रमों में साउंड बजाने पर रोक नहीं है, लेकिन वो इसके लिए सिर्फ एक साउंड का प्रयोग कर सकते हैं।

इसकी आवाज सार्वजनिक स्थल पर 10 डिसिबेल से ज्यादा और प्राइवेट प्लेस पर 5 डिसिबल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। शहर में ऐसा नहीं करने वालों को नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है।
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एसपी सिटी अनिल सिंह सिसौदिया ने कहा कि डीजे संचालकों संग बैठक कर गाइड लाइन तय की गई थी। मानकों का उल्लंघन करने वालों को नोटिस दिया जाएगा। फिर भी अगर कही से कोई शिकायत मिलती है तो उन समितियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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