पुलिस की लापरवाही ने ली साधु की जान
अयोध्या। पुलिस की लापरवाही ने एक साधु की जान ले ली। सामान व नकदी चोरी होने पर साधु ने एक आरोपी को पकड़ कर रामजन्मभूमि थाना पुलिस को सौंपा। लेकिन पुलिस ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। यही नहीं पकड़े गए आरोपी को भी छोड़ दिया। इससे क्षुब्ध होकर भोपाल के साधु रामदास त्यागी (50) चेला केशवदास त्यागी ने थाना परिसर में ही मंगलवार रात अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। इसके बाद पुलिस ने आनन-फानन आग बुझा उसे गंभीर झुलसी हालत में अस्पताल पहुंचाया। जहां से साधु को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। जहां बृहस्पतिवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इससे यहां के साधु-संतों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने दोषी पुलिस कर्मियों पर आपराधिक केस दर्ज कर जेल भेजने की मांग की है। उधर, पुलिस प्रशासन ने लखनऊ में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को फोर्स के साथ भोपाल स्थित हनुमान मंदिर भेज दिया है। मामले में घटना के दिन ही एसएसपी ने लापरवाही बरतने के आरोप में थानाध्यक्ष समेत चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया था। साथ ही चोरी की रिपोर्ट भी लिखी गई। मगर, साधु के आग लगाने से लेकर अब मौत के मामले की कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। आला अधिकारी मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
साधु रामदास त्यागी की मौत के बाद खाकी पर सवाल उठने लगे हैं। साधु अपने साथ हुई चोरी की घटना की रिपोर्ट लिखाने के लिए तीन दिन से थाने के चक्कर काट रहा था। उसका आरोप था कि उसने शक के आधार पर एक व्यक्ति को पकड़कर पुलिस को सौंपा भी था लेकिन थाने से लेन-देन कर छोड़ दिया। जबकि पुलिस का कहना है कि जिस व्यक्ति पर साधु आरोप लगा रहा था, उसकी तलाशी में उसके पास से कुछ नहीं मिला। इस आधार पर उसे छोड़ दिया गया। वहीं चोरी की रिपोर्ट नहीं दर्ज करने के प्रश्न पर अधिकारी बंगले झांकते हैं। यहीं नहीं मृत साधु द्वारा मीडिया को दिए बयान में बताया गया था कि उसके पास न तो खाने के लिए कुछ बचा और ना ही वापस अपने मंदिर भोपाल जाने के लिए पैसे बचे है। एसपी सिटी अनिल सिंह सिसौदिया ने बताया कि मृतक साधु का लखनऊ में पोस्टमार्टम कराकर उसके शव को पुलिस बल के साथ भोपाल भेज दिया गया है। घटना की देर रात एसएसपी सुभाष सिंह बघेल ने पीड़ित की रिपोर्ट दर्ज नहीं करने पर थाने के प्रभारी निरीक्षक राजीव सिंह, हेड कांस्टेबल रामसुंदर पांडेय, कांस्टेबल चंद्रिका सोनकर व रवि सिंह को सस्पेंड कर दिया था। अब जांच कर अन्य विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
मामले में लीपापोती कर रही पुलिस
साधु द्वारा थाना परिसर में आग लगाए जाने के बाद घबराई पुलिस ने रात में चोरी का केस तो दर्ज कर लिया, मगर आग लगाने का न तो केस दर्ज किया गया, न ही घटनास्थल को लेकर साफ बयान दिए जा रहे हैं। अस्पताल के मेमो में बड़ी छावनी से जली अवस्था में लाए जाने की बात लिखाई गई, जबकि साधु ने बयान दिया था कि रामजन्मभूमि थाने में पुलिस के सामने आग लगाई है। पुलिस के रिकॉर्ड में चोरी की रिपोर्ट रामजन्मभूमि थाने पर रात 9:58 बजे दर्ज की गई। मगर आग लगाने की घटना की कहीं कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं है। पुलिस ने साधु को अयोध्या कोतवाली के बड़ी छावनी मंदिर से लाने की बात कही। जबकि उसे अस्पताल पहुंचाने वाला होमगार्ड रामअजोर रामजन्मभूमि थाने में तैनात है। उधर, मामले में बड़ी छावनी के महंत जगदीश दास व अन्य साधुओं ने भी साधु रामदास त्यागी को पहचानने से इनकार कर दिया। वहीं पुलिस ने आग लगाने व अब मौत के बाद भी किसी तरह का केस दर्ज नहीं किया है।