अयोध्या। एएसआई की टीम व जजों ने पक्षकारों की उपस्थिति में अधिग्रहीत परिसर के उत्खनित क्षेत्र का निरीक्षण किया। मेक शिफ्ट स्ट्रक्चर में विराजमान रामलला के तिरपाल की रस्सियां कसी गईं।
उत्खनित क्षेत्र में सफाई भी की गई। इस मौके पर आइसोलेशन गार्डन के अलावा मानस भवन के कक्ष में रखे गए पुरावशेषों की स्थिति भी देखी गई और उनका रासायनिक उपचार किया गया।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त किए गए दो नए पर्यवेक्षकों के निर्देशन में एएसआई की टीम ने रविवार को उत्खनित क्षेत्र का निरीक्षण किया।
अधिगृहीत परिसर में तैनात पर्यवेक्षक जस्टिस एसके सिंह व जस्टिस टीएम खान 2004-05 से ही यहां तैनात थे, जो कि सेवानिवृत्त हो चुके थे। नए पर्यवेक्षकों की तैनाती के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देकर अनुमति मांगी गई थी।
अर्जी पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 11 सितंबर को दो नए पर्यवेक्षक एडीजे इरफान अहमद व एडीजे अमरजीत त्रिपाठी की तैनाती पर सहमति दी थी। इन दोनों पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में रविवार को निरीक्षण हुआ।
निरीक्षण दिवस में दोनों पर्यवेक्षकों के अलावा मंडलायुक्त मनोज मिश्रा समेत पक्षकार व उनके प्रतिनिधि के रूप में अधिवक्ता रणजीत लाल वर्मा, हाजी महबूब, बादशाह खान, इकबाल अंसारी मौजूद रहे।