बाहर रहने वालों के लिए तहसील में खुलेगा काउंटर
फैजाबाद। उत्तराधिकारियों की निर्विवादित वरासत दर्ज करने के लिए जारी विशेष अभियान 16 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। इस दौरान दर्ज वरासत की खतौनी नि:शुल्क वितरित करने के लिए गांव में कैंप लगाए जाएंगे।
गांव से बाहर रहने वाले लोगों का प्रार्थना पत्र लिए जाने के लिए तहसीलों में काउंटर खोले जाएंगे। डीएम संतोष कुमार राय ने राजस्व विभाग के अफसरों से इस पर कार्रवाई के लिए निर्देश जारी कर दिया है।
कहा गया है कि खतौनी में दर्ज खातेदारों की मृत्यु/ऐसी स्त्री जिसने उत्तराधिकार में भूमि प्राप्त की है के विवाहित/पुनर्विवाहित होने की दशा में उनके निर्विवादित उत्तराधिकारियों के नाम समय से खतौनी में अंकित न किए जाने व वरासत के प्रकरणों में समय से कार्रवाई न होने के कारण विधिक उत्तराधिकारी अपने अधिकार से वंचित रह जाते हैं।
जिससे अनावश्यक वाद भी उत्पन्न होते हैं। असामाजिक तत्वों/भू-माफियाओं द्वारा भूमि पर अवैध कब्जे का प्रयास किया जाता है। इसके लिए ऐसे गांव पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिनके अधिकतर काश्तकार अन्य स्थानों पर निवास करते हों।
डीएम ने पंचायती राज विभाग के अफसरों को निर्देश दिया कि ग्राम राजस्व समिति की बैठक में परिवार रजिस्टर, जन्म-मृत्यु रजिस्टर व अन्य संबंधित अभिलेखों के साथ मौजूद रहें। तहसील प्रशासन को निर्देश दिया कि राजस्व निरीक्षकों से प्राप्त कराए गए प्रपत्रों कंप्यूटरीकृत खतौनी में निर्विवादित उत्तराधिकारियों के नामों की प्रविष्टि कराएं।
खतौनियों में दर्ज अविवादित वरासतों की नकल को राजस्व ग्रामों में कैंप लगाकर नि:शुल्क वितरित किया जाए। गांव में निवास न करने वाले लोगों के लिए तहसील में एक काउंटर खोला जाए। अविवादित वरासतों को दर्ज करने के लिए प्रार्थना-पत्र प्राप्त किए जाएं।
अभियान की समाप्ति पर लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार और एसडीएम इस आशय का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करेंगे कि उनके क्षेत्र में निर्विवाद उत्तराधिकार का कोई भी प्रकरण दर्ज होने से अवशेष नहीं है। अभियान के बाद समीक्षा होगी, लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।