तारुन (अयोध्या)। पारंपरिक भक्ति गीत व वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आस्था का प्रतीक भगवान राम के वन गमन विश्राम स्थल की साक्षी तमसा नदी का जीर्णोद्धार भव्य आयोजन के बीच किया गया। शनिवार को ब्लॉक क्षेत्र की गयासपुर ग्राम सभा में भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डॉ. विजय बहादुर तिवारी और बीडीओ की अध्यक्षता में मंत्रोचार के बीच पूजन किया गया।
इस अवसर पर डॉ. विजय बहादुर तिवारी ने कहा कि तमसा रामायणकालीन नदी है। रामचंद्र जी ने वनगमन के समय यहीं पर विश्राम किया था, जिसका जिक्र तुलसीदास जी ने रामचरित मानस में किया है।
बीडीओ जनार्दन ने बताया कि तमसा के उद्गम स्थल लखमीपुर से यह कार्य प्रारंभ होकर जिले की नदी से सटी ग्राम पंचायतों में यह कार्य कराया जा रहा है। इस मौके पर प्रधान कुसुम, हरीश चंद्र निषाद, योगेश कुमार सिंह, दलसिंगार सिंह, राम महेश वर्मा, शैलेंद्र तिवारी, जितेंद्रनाथ पांडेय आदि मौजूद रहे।
उधर, तमसा नदी को पुनर्जीवित करने के लिए उठाए गए शासन के कदम में सोहावल तहसील के नौ गांव अपनी भागीदारी निभाते हुए तमसा को आगे बढ़ाने में मददगार होंगे। इसके लिए शनिवार को एसडीएम राजीव शुक्ला, खंड विकास अधिकारी अबू बकर खान के साथ गणमान्य लोगों और ग्रामीणों ने मजनावा राजस्व गांव के पास तमसा में पूजा-अर्चना कर खोदाई का श्रीगणेश किया।
सोखावा, पिरखौली, दक्षिण पारा, कुंदुर्खा खुर्द, सुरवारी, अगेथुआ, मजनावा, अर्थर गौरा, बभनान के करीब से गुजर रही यह नदी सोहावल तहसील के 23 गांव के साथ मिल्कीपुर-खंडासा तीनों विकास खंडों को मिलाकर 27 किलोमीटर लंबी और 16 मीटर चौड़ी व एक मीटर गहरी खोदाई से पुनर्जीवित की जाएगी।
इस नदी से जल प्रवाहित होने पर नदी से लगे 5 किलोमीटर की दूरी में आने वाले तालाब पोखर आदि की भी खुदाई कर उन्हें नए रूप में लाकर जलाशय का रूप दिया जाएगा। एसडीएम ने ने बताया कि नदी की खोदाई का काम शुरू करा दिया गया है।