दो सगे भाइयों समेत चार लोग सरयू नदी में डूबे
फैजाबाद। सरयू नदी में दो सगे भाइयों समेत चार युवक डूब गए। फैजाबाद के गुप्तारघाट पर नहाने गए दो किशोर दोस्त सरयू में लापता हो गए, जबकि अयोध्या के सरयू घाट पर शुक्रवार को मौर पूजा करने परिवारीजनों के साथ आए छोटे भाई को बचाने में बड़ा भाई भी धारा में समा गया। पुलिस गोताखोरों व जाल की सहायता से डूबे हुए लोगों की तलाश कर रही है, शाम तक किसी का पता नही चला है।
शाम थाना कैंट अंतर्गत गुप्तारघाट पर गुरुवार की करीब 7 बजे स्नान करने गए सहादतगंज निवासी दो दोस्त ऋषभ (13) पुत्र राजनरायन सिंह व मधुर शुक्ला (15) पुत्र अनिल शुक्ला नदी में डूब गए। दोनों नदी के उस पार स्नान कर रहे थे। उन्हें डूबता देख वहां मौजूद लोगों ने शोर मचाया और कुछ गोताखोरों ने नदी में छलांग लगाकर बचाने का भी प्रयास किया लेकिन तब तक दोनों सरयू की तेज धारा में लापता हो गए। पुलिस ने रात भर गोताखोरों और जाल की मदद से डूबे किशोरों की तलाश कराई लेकिन उनका पता नहीं चल सका। थाना कैंट प्रभारी आरके राणा ने बताया कि किशोरों की लगातार तलाश कराई जा रही है। बताया कि डूबे हुए किशोर मधुर के पिता फौजी हैं और वर्तमान में जम्मू में तैनात हैं, वो अपनी मां के साथ सहादतगंज में रहता था। वहीं ऋषभ के पिता प्राइवेट जॉब करते हैं।
वहीं अयोध्या दर्शन को परिवार समेत आए वजीरगंज गोंडा के दो सगे भाई सरयू नदी में डूब गए। यह लोग घर में शादी के बाद दुल्ला-दूल्लहन के साथ मौर पूजन आदि करने परिवार के साथ आए थे। शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे नदी में स्नान करने के दौरान विनोद दूबे (30) नदी में डूबने लगा, यह देख बड़ा भाई विजय दूबे (32) ने उसे बचाने का प्रयास किया लेकिन दोनों नदी की तेज धारा में लापता हो गए। मौके पर मौजूद उनकी पत्नियां व परिवार के अन्य सदस्यों में कोहराम मच गया। नाविकों व गोताखोरों ने उनकी खोज शुरू की लेकिन उनका पता नही चल सका। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे सीओ अयोध्या राजू साव, कोतवाली प्रभारी विनोद बाबू मिश्र, रामजन्मभूमि थाना प्रभारी अजीत प्रताप सिंह आदि ने नदी में जाल भी डलवाया लेकिन लापता युवकों का पता नहीं चल सका। शुक्रवार देर शाम तक डूबे युवकों की तलाश जारी थी। सीओ अयोध्या ने बताया कि वजीरगंज गोंडा निवासी दोनों सगे भाई दिल्ली में नौकरी करते थे। वे अपने चचेरे भाई नीरज जिसकी 25 जून को शादी में शामिल होने आए थे। शादी उपरांत वो शुक्रवार को पूरे परिवार समेत अयोध्या दर्शन को आए थे, दर्शन से पूर्व स्नान के दौरान ये हादसा हो गया।
जल पुलिस की तैनाती फाइलों में कैद, दो माह में 17 माताओं की गोद हुई सूनी
अयोध्या/फैजाबाद। सरयू नदी के घाटों पर डूबने वालों को बचाने के लिए जल पुलिस चौकी का मांग सालों से लटकी पड़ी है। ऐसे में सरयू में स्नान करने पहुंचने वाले स्नानार्थी जलस्तर कम समझ कर अनजाने में गहराई में जाकर नदी की जलधारा में गुम हो जा रहे हैं। गुरुवार व शुक्रवार को हुए हादसे समेत दो माह के दौरान 17 माताओं की गोद सूनी हो चुकी है। डूबने वालों में 12 किशोर थे। लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर बचाव के लिए पुख्ता इंतजाम अब तक नहीं किए जा सके हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही नदी का जलस्तर घटने लगता है। कभी-कभी स्नान घाट पर घुटने भर तक पानी नहीं रहता। स्नानार्थी स्नान के लिए गहरे पानी की ओर रुख करते हैं। नदी में जलस्तर कम होने के भ्रम में स्नानार्थी गहराई में पहुंच जलधारा के भंवर में डूब जाते हैं। जब तक डूब रहे लोगों को बचाने की कोशिश होती है, वह नदी की तेज धारा में गुम हो जाते हैं। यही कारण है कि प्रतिवर्ष मई व जून माह में सरयू नदी में डूब कर मरने वालों की संख्या अन्य माह से कहीं अधिक हो जाती है।
डूबे युवकों की तलाश की जा रही है। नदी में जलस्तर कम होने से स्नानार्थी गहराई के अनजाने में डूबने की दुखद घटनाएं हो रही है। हालांकि घाट पर मौजूद पुलिसकर्मी, गोताखोर, नाविक व पंडे लोगों को आगाह करते रहते हैं। जिला प्रशासन स्तर पर डूबने से बचाव के लिए ट्यूब व सेफ्टी जैकेट उपलब्ध कराए गए हैं। स्थानीय स्तर पर गोताखोरों से जाल की व्यवस्था रखी गई है। समय-समय पर अच्छे कामों के लिए उन्हें पारितोषिक भी दिया जाता है।-राजू साव, सीओ अयोध्या।