मानव जीवन की सफलता के लिए गुरुकुल शिक्षा पद्धति सर्वोत्तम : नृत्यगोपाल दास
अयोध्या। मानव जीवन को सफल बलाने के लिए गुरुकुल शिक्षा पद्धति सर्वोत्तम है। आज गुरुकुल की वैदिक शिक्षा व्यवस्था के उत्थान की आवश्यकता है। उक्त बातें श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष व मणिरामदास छावनी के श्रीमहंत नृत्यगोपाल दास जी महाराज ने कहीं। वे अयोध्या के श्रीरामबल्लभाकुंज में भारतीय शिक्षण मंडल अवध प्रांत एवं श्रीगुरू वशिष्ठ सेवा न्यास के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित आचार्य सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्य अतिथि अयोध्या नगर निगम के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा कि गुरुकुल शिक्षा हमारी शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ रही है। इस प्राचीन शिक्षा व्यवस्था का और प्रचार प्रसार हो इसके लिए हम सभी मिलकर कार्य करेंगे। अवध विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने कहा कि सभी पब्लिक स्कूल भारतीय संस्कृति से जुड़ें। गुरुकुल शिक्षा से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. दिलीप सिंह ने बताया कि 28 से 30 अप्रैल को उज्जैन में आयोजित विराट गुरुकुल सम्मेलन में शामिल आचार्यों का सम्मान किया गया। कहा कि भारतीय शिक्षण मंडल भारतीय परंपरा एवं संस्कृति के उत्थान के लिए समर्पित है। समारोह में आचार्य नागेंद्र, राजेश्वर मिश्र, अशोक कुमार पांडेय, कुलदीप मिश्र, पंकज कुमार मिश्र, ओम प्रकाश ब्रहृचारी, डॉ. रामफेर पांडेय, अजय कुमार मिश्र समेत 28 आचार्यों को सम्मानित किया गया। समारोह में प्रो. आरएन राय, प्रो. केके वर्मा, डॉ. आरके सिंह, प्रो. राम नयन राय, प्रो. केके वर्मा, डॉ. आरके सिंह, डॉ. रमापति मिश्रा समेत बड़ी संख्या में आचार्यगण एवं गुरुकुल के विद्यार्थी उपस्थित रहे।