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शहर में बायोगैस प्लांट लगाने के नाम पर हुआ खेल

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कौशलपुरी कॉलोनी में बायोगैस प्लांट लगाने के नाम पर हुआ खेल
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फैजाबाद। अयोध्या-फैजाबाद विकास प्राधिकरण की ओर से शहर की विकसित कौशलपुरी कॉलोनी में बायोगैस प्लांट लगाने का अभिनव प्रयोग खटाई में पड़ गया है। 29 लाख खर्च होने के बाद भी कॉलोनी वासियों को बायोगैस या घरों को लाइट देने जैसी कोई सुविधा नहीं मिल रही है। हालत यह है कि विभाग के इंजीनियर व ठेकेदार दोनों आपस में ही आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।
वर्ष 2000-01 में कौशलपुरी कॉलोनी के विकास के साथ सीवर लाइन डालने व सीवरेज व्यवस्था के जरिए बायोगैस प्लांट लगाने का दावा किया गया था। इसके लिए शुरूआत में 23 लाख रुपये का फंड निर्धारित किया गया। बाद में कॉलोनी का विस्तार होने के बाद यह फंड लगभग 29 लाख रुपये के आसपास पहुंच गया था। विकास प्राधिकरण के अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार मिश्र का कहना है कि 29 लाख रुपये में पूरी कॉलोनी में सीवरेज की पाइप व ट्रीटमेंट प्लांट के साथ बायोगैस प्लांट लगना था। इसमें सीवरेज के पाइप के साथ लगभग 8.75 लाख रुपये की धनराशि बायोगैस प्लांट के लिए निर्धारित थी। इस कार्य के लिए इंटरनेशनल बायोगैस इंटरप्राइजेज को ठेका दिया गया। फाइलों के अनुसार कार्य शुरू हुआ और सीवर के पाइप लाइन पड़ने के साथ बायोगैस प्लांट भी कौशलपुरी के फेज 2 स्थित पार्क में बनाया गया, लेकिन कॉलोनी वासियों को कुकिंग गैस या लाइट जैसी विभिन्न सुविधाएं मुहैया नहीं कराई गई। इस बीच ठेका कंपनी बिना कार्य पूर्ण हुए ही वापस चली गई। मौजूदा समय के अधिशासी अधिकारी ने पूरे मामले को जिलाधिकारी की जानकारी में देते हुए चार्जशीट दिए जाने की बात कही थी लेकिन इस बार भी मामला वार्ता पर आकर टिक गया है। दूसरी ओर ठेकेदार कंपनी के प्रोप्राइटर इमरान का कहना है कि अभी भी विकास प्राधिकरण में उसका भुगतान बाकी है। जितना पैसा मिला उससे अधिक कार्य किया जा चुका है। बायोगैस प्लांट बना है व ट्रीटमेंट का कार्य भी हो रहा है। प्राधिकरण या स्थानीय लोगों की ओर से धनराशि दिए जाने पर ही बायोगैस प्लांट का कनेक्शन कॉलोनी वासियों को दिया जाएगा।
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बीच में कार्य छोड़कर भागने के लिए इंटरनेशनल बायोगैस इंटरप्राइजेज कंपनी दोषी है। इसके लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है। सीवर व बायोगैस प्लांट का पूरा कार्य 29 लाख रुपये का निर्धारित था।- मनोज कुमार मिश्र, अधिशासी अधिकारी, एफडीए
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कॉलोनी वासियों ने दिया नोटिस, धाँधली के आरोप लगाए
फैजाबाद। कौशलपुरी में बायोगैस प्लांट से कुकिंग गैस व बिजली जैसी सुविधाएं न मिलने से कॉलोनी के लोगों का कहना है कि यह एक बड़ा घोटाला है। इसमें विकास प्राधिकरण व ठेकेदार संलिप्त हैं। कॉलोनी के 30 लोगों की ओर से विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, अधिशासी अधिकारी व इंटरनेशनल बायोगैस इंटरप्राइजेज को लीगल नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। नोटिस देने वालों में मुख्य रूप से अरुणिमा तिवारी, चित्रा मिश्रा, डॉ. फररुख जमाल, एके श्रीवास्तव, विद्याधर पांडेय समेत करीब 30 लोगों के नाम अंकित हैं।
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