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घोटाले में रोडवेज अफसरों की भूमिका की जांच का आदेश

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43.80 लाख के एमएसटी घोटाले में रोडवेज अफसरों की भूमिका की होगी जांच
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फैजाबाद। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के फैजाबाद डिपो में 43.80 लाख के एमएसटी घोटाले की आंच रोडवेज के अफसरों तक पहुंच गई है। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक एसके शर्मा की रिपोर्ट के बाद मुख्यालय से प्रबंध निदेशक पी गुरु प्रसाद ने विभागीय जांच कराने का आदेश दिया है। रिपोर्ट में जनपद के कई अफसरों की भूमिका संदिग्ध सामने आई है। अब किसी भी समय मुख्यालय की जांच टीम फैजाबाद पहुंच सकती है। बताया जा रहा है कि प्रथम दृष्टया में एआरएम, एआरएम फाइनेंस व उनके स्टाफ जांच के दायरे में हैं।
रोडवेज के फैजाबाद डिपो में दो वर्षों से गुपचुप तरीके से एमएसटी का कैश काफी कम जमा हो रहा था। इसको लेकर डिपो के एआरएम व एआरएम फाइनेंस की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया। मार्च माह में लेखाकार जितेंद्र कुमार की ओर कैश का मिलान करने के लिए ठेके पर ऑनलाइन एमएसटी बनाने वाली कंपनी के टीम लीडर शिवांग गुप्ता से कई बार ऑनलाइन बनी एमएसटी की डिटेल मांगी गई थी। नहीं मिलने पर एआरएम को मामले में संज्ञानित करने के बाद भी पहले हीलाहवाली हुई। बाद में एआरएम अविनाश चंद्र ने अपने लॉगिंन व पासवर्ड से जनवरी, फरवरी व मार्च माह की डिटेल निकाली तो 6 लाख 61 हजार 682 लाख रुपये का अंतर आने पर हंगामा खड़ा हो गया। मामला एमडी तक पहुंचा तो 2012 से अब तक हुए घोटाले की रिपोर्ट मांग ली गई। आरएम एसके शर्मा की ओर से सोमवार को सौंपी गई रिपोर्ट में सामने आया है कि 2012 से फरवरी 2016 तक कोई गड़बड़ी नहीं पाई है। इसके बाद मार्च 2016 से लेकर मार्च 2018 तक ट्राईमेक्स कंपनी ने कुल 43 लाख 80 हजार 155 रुपये कम जमा किया है। रकम का कंपनी के प्रतिनिधियों ने गोलमाल किया है। नियमत: एमएसटी का कैश रोजाना जमा होना होना चाहिए, और उसका पर्यवेक्षण एआरएम व एआरएम फाइनेंस को अपनी आईडी से ऑनलाइन जांचनी चाहिए थी। जो काम अब हुआ, यदि वही काम पहले होता तो घपले की गुंजाइश नहीं होती। दोनों अफसरों के कार्यालय में तैनात संबंधित लिपिकों आदि ने भी लापरवाही बरती है। क्षेत्रीय प्रबंधक की ओर से पूरे मामले की जांच रिपोर्ट के बाद घोटाले में आरोपित ट्राइमेक्स कंपनी के कर्मचारियों पर केस दर्ज कराकर पुलिस के हवाले कर दिया गया। अब प्रबंध निदेशक पी गुरु प्रसाद की ओर से विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। किसी भी समय मुख्यालय से जांच टीम फैजाबाद डिपो में धमक सकती है। एमडी की ओर से भी सीधे कार्रवाई की बात सामने आ रही है।
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विवेचक ने मांगे घोटाले से जुड़े सारे अभिलेख
रोडवेज के एमएसटी घोटाले में ट्राईमेक्स के जनपद लीडर शिवांग गुप्ता व ऑनलाइन एमएसटी बनाने वाले करुणाकर पांडेय समेत तीन अन्य पर नगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मंगलवार को विवेचना अधिकारी एसएसआई सिविल लाइंस संजीव सिंह ने जांच शुरू कर दी है। संजीव सिंह ने बताया है कि साक्ष्य के लिए घोटाले संबंधी अभिलेख रोडवेज से मांगे गए हैं। पुलिस इस बात की जांच करेगी कि घोटाला कैसे हुआ व आरोपी कौन लोग हैं। पूरे मामले की तह तक जाने के बाद ही रिपोर्ट दी जाएगी।
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एमएसटी घोटाले की फाइनल रिपोर्ट परिवहन निगम के एमडी पी गुरु प्रसाद को सौंप दी गई है। अब आगे की कार्रवाई उनकी ओर से की जानी है। जहां तक जांच टीम के आने का प्रश्न है यह अब मुख्यालय की ओर से तय किया जाना है।- एस के शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक, उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम, फैजाबाद
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