623 कॉलेजों की होगी ऑनलाइन निगरानी
फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबद्ध सभी 623 महाविद्यालयों व संस्थानों की गतिविधियों पर ऑनलाइन नजर रखने की तैयारी की है। सभी प्राचार्यों को अपने महाविद्यालयों को जियो टैगिंग से जुड़ने के निर्देश जारी किए गए हैं। इससे महाविद्यालय की गतिविधियों का ऑनलाइन आंकलन हो सकेगा। विश्वविद्यालय के कुलपति ने इसके लिए सभी संबद्ध महाविद्यालयों से अक्षांश व देशांतर देने को कहा गया है। साथ ही गूगल मैप पर कॉलजों को अपनी स्थलीय स्थिति दर्ज करने का भी निर्देश दिया है। सभी कॉलेजों को निर्देश है कि 15 अप्रैल तक समस्त सूचनाएं मेल पर विश्वविद्यालय को उपलब्ध करा दें।
विश्वविद्यालय प्रशासन एक नया सॉफ्टवेयर डेवलप करने की योजना बना रहा है। इस नए सॉफ्टवेयर की मदद से अपने समस्त कॉलेज के डॉटा एकत्रित करेगा। साथ ही देशांतर व अक्षांश की सहायता से निगरानी करेगा। विश्वविद्यालय के पास एक दूसरा विकल्प यह भी है कि वह गूगल मैप की सहायता से भी यह कार्य अंजाम दे सकता है। इसके लिए पूरी प्रक्रिया पर मंथन चल रहा है। निर्देश में कहा गया है कि 15 अप्रैल तक सभी कॉलेजों को अपनी स्थलीय स्थिति, नाम व पता गूगल मैप पर दर्ज कराकर स्क्रीन शॉर्ट करके विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. सच्चिदानंद शुक्ल को भेजना होगा।
ये होेंगे फायदे
- यूजीसी के निर्धारित मानक के अनुरूप ही मिल सकेगी नए कॉलेजों को मान्यता
- समस्त जानकारियां विश्वविद्यालय के पास होने के कारण नहीं चल पाएगी मनमानी
- गूगल मैप की सहायता से छात्र खुद जान सकेंगे कॉलेजेज के कैंपस, लाइब्रेरी व लैब की स्थिति
- देशांतर व अक्षांश के चलते सीधे ट्रेस हो सकेंगी खुली छत के नीचे की गतिविधियां
- अच्छे कॉलेजेज के चयन में छात्रों को नहीं करनी पड़ेगी बहुत अधिक खोजबीन
जियो टैगिंग व गूगल मैप पर स्थलीय स्थिति नाम पता की स्क्रीन शॉर्ट के लिए समस्त 623 कॉलेजे को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए है। 15 अप्रैल समय सीमा निर्धारित है। अक्षांश व देशांतर के मिलते ही आगे की योजना पर कार्य शुरू किया जाएगा।- विनोद कुमार सिंह, कुल सचिव, अवध विश्वविद्यालय, फैजाबाद