फैजाबाद। निकाय चुनाव का असर विभागीय कार्यों पर भी पड़ रहा है। केवल आचार संहिता से प्रभावित होने वाले विभाग ही इसके दायरे में नहीं है, बल्कि इसके दायरे से बाहर वाले विभागों के कार्यों पर भी इसका प्रभाव माना जा रहा है।
इसका कारण विभागों के अफसरों की चुनाव में व्यस्तता है। निकाय चुनाव की आचार संहिता तो निकाय से जुड़े विभागों और निकाय क्षेत्रों तक ही मानी जाती है।
लेकिन इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव इन विभागों के साथ ही दूसरे विभागों के कार्यों पर भी पड़ रहा है। चुनाव में जिले में प्रशासन, विकास विभाग सहित अन्य ज्यादातर विभागों के अफसरों को लगाया गया है।
आरओ व एआरओ की ही संख्या दो दर्जन से अधिक है, इसके अलावा विभिन्न अन्य कार्यों के लिए प्रभारी तैनात किए गए हैं। कई विभागों के कर्मचारी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष चुनाव से जुड़ गए हैं।
चुनाव के रफ्तार पकड़ने के साथ ही अभी और भी मजिस्ट्रेट और कर्मचारी बढ़ेंगे। वित्तीय साल समाप्त होने के बाद नए कार्यों की शुरुआत तो हो गई है।
पंचायत, विकास, कृषि और दूसरे विभागों के कार्य शुरू हो गए हैं। स्वच्छ भारत मिशन, शौचालय जैसे कार्यों के लिए अफसरों के साथ ही कर्मचारियों की जरूरत है, लेकिन ज्यादातर कर्मचारियों और अधिकारियों के चुनाव में लगने के कारण इनके कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
विभिन्न विभागों के अफसर भी इसे मानते हैं। कहते हैं कि चुनाव में विकास कार्य बाधित भले ही न हों, लेकिन प्रभावित हो रहे हैं।