पटरी से उतरे दून एक्सप्रेस के पांच कोचों को ट्रैक से हटाकर यातायात बहाल करने में रेलवे को 12 घंटे लगे। मंगलवार को अपराह्न दो बजे के करीब हुए हादसे के बाद यहां पहुंचे डीआरएम ने रात दो बजे तक रुककर पॉइंटों व पटरियों को दुरुस्त कराया।
मंगलवार की शाम 4 बजे से ही कोचिंग डिपो अधिकारी, दुर्घटना राहत ट्रेन, सिग्नल एंड टेलीकॉम और इंजीनियरिंग महकमा ट्रैक बहाल कराने में जुट गया था। शाम 4:40 बजे डीआरएम एके लाहोटी मौके पर पहुंचे तो कार्य युद्धस्तर पर शुरू हो गया।
गैस कटर और जेनरेटर के साथ मौके पर पहुंचे विभागों के कर्मी मध्य रात्रि तक जूझते रहे। रात 1:40 बजे ट्रैक बहाल किया गया। ट्रेनों को दुर्घटना स्थल से गुजरने के लिए 15 किमी. गति का कॉशन दिया जा रहा है।
सिग्नल टूट जाने से पूर्वी केबिन पर तैनात कर्मी ट्रेनों के इंजन पर आगे सवार होकर मैनुअली वहां से ट्रेनों को गुजार रहे हैं। उधर रेलकर्मी और गैंगमैन बुधवार की दोपहर बाद भी ट्रैक को सही करने के काम में जुटे रहे।
डीआरएम रात दो बजे के करीब तभी लखनऊ रवाना हुए, जब उन्हें ट्रैक सही होने की सूचना दी गई। दुर्घटना स्थल से सबसे पहले बुधवार की सुबह 3:31 बजे डाउन फैजाबाद-मुगलसराय पैसेंजर व उसके बाद अप मनकापुर-फैजाबाद पैसेंजर सुबह 3:42 बजे के करीब गुजरी।