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दीपोत्सव में सजेंगे 12 सांस्कृतिक मंच

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अयोध्या। दिव्य दीपोत्सव की तैयारी तेज हो गई है। इस दीपोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देते हुए रामनगरी में त्रेतायुगीन दृश्य जीवंत करने की योजना है। पिछले वर्ष दीपोत्सव का आकर्षण जहां सरयू तट, राम की पैड़ी व रामकथा पार्क तक ही सीमित रहा।
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इस वर्ष पूरी अयोध्या में जगह-जगह सांस्कृतिक मंच सजाने की तैयारी है। रामनगरी मे 12 स्थानों पर लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने स्थल का चयन कर लिया है।
गुप्तारघाट भी इस वर्ष आकर्षण का केंद्र होगा। यहां मेले का स्वरूप देने की योजना है। दीपावली से तीन दिन पहले ही यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे। वहीं, साकेत महाविद्यालय से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।
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दीपोत्सव में छोटे मंच बनाकर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसको लेकर 12 स्थलों का चयन किया जा चुका है। गुप्तारघाट, साकेत महाविद्यालय, बिड़ला धर्मशाला, हनुमानगुफा के सामने, कनकभवन, दशरथमहल, झुनकीघाट, आईटीआई परिसर, तुलसी उद्यान, भजन संध्या स्थल, पुराना बस स्टैंड व भरतकुंड का चयन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए किया गया है।
इन स्थलों पर छोटे-छोटे मंच सजाकर लोक कलाकारों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं रामलीला मंचन का आयोजन किया जाएगा। साकेत महाविद्यालय में झांकियों का निर्माण होगा तथा यहां से राम राज्याभिषेक यात्रा भव्यतापूर्वक निकाली जाएगी। साकेत महाविद्यालय परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित दुकानें भी सजेंगी।
वहीं गुप्तारघाट भी इस दीपोत्सव में आकर्षण का केंद्र होगा। साथ ही घाट पर मेले का स्वरूप देने की भी योजना है। नयाघाट स्थित रामकथा संग्रहालय में दीपोत्सव के अवसर पर बच्चों की विभिन्न प्रतियोगिताएं भी होंगी।
नयाघाट के पास खाली पड़े स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है इन स्थलों पर विकास प्राधिकरण द्वारा क्राफ्ट व फूड बाजार लगाए जाएंगे। भजन संध्या स्थल, राजसदन, रामकथा पार्क आदि 20 स्थानों पर एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था की जा रही है। जहां वे दीपोत्सव के आयोजन का लाइव प्रसारण देख सकेंगे।
इस दीपोत्सव में संपूर्ण रामनगरी भव्यता का पर्याय होगी। शहर में 12 स्थलों पर सांस्कृतिक मंच सजाने की तैयारी है। इन स्थलों पर छोटे-छोटे मंच सजाकर लोक कलाकारों द्वारा रामलीला मंचन सहित अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगें। इस वर्ष गुप्तारघाट भी दीपोत्सव का हिस्सा होगा, यहां भी सांस्कृतिक आयोजन तीन दिनों तक होंगे। संपूर्ण रामनगरी को इस तरह सजाया जाएगा कि अयोध्या में त्रेतायुग का दृश्य जीवंत हो उठे।
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- रामतीरथ, प्रशासनिक अधिकारी, अयोध्या शोध संस्थान
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