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सेना की मदद के लिए वायरल हुआ फर्जी बैंक खाता

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सेना की मदद के लिए वायरल हुआ फर्जी बैंक खाता
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अयोध्या। सेना के नाम पर रुपये जमा कराने के लिए सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेश को फर्जी बताया गया है। मवई व्यापार मंडल के सदस्य और व्यवसायी कुंदन जायसवाल द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय, वित्त मंत्री, रक्षा मंत्री व यूपी पुलिस के ट्वीटर हैंडल पर की गई शिकायत के बाद यूपी पुलिस के ट्वीटर हैंडल ने जवाब दिया है कि यह संदेश प्रमाणित नहीं है, इसलिए बगैर सोचे-समझे कहीं भी पैसा न भेजें।

सोशल मीडिया पर एक संदेश वायरल करके सेना की मदद के नाम पर लोगों से रुपये मांगे जा रहे हैं। ऐसा ही मैसेज मवई थाना के डिजिटल वैलेंटियर ग्रुप पर रविवार सुबह आया, जिसके बाद ग्रुप में जुड़े लोगों ने हकीकत जानने की कोशिश की और मामले की शिकायत ट्विटर पर डीजीपी से की गई तो पुलिस ने ऐसे संदेश को फर्जी करार देते हुए शातिर ठगों की चाल बताया और इनसे बचने की सलाह दी।
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सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज में कहा गया है कि फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार के सुझाव पर मोदी सरकार का एक और अच्छा फैसला, एक रुपये मात्र रोज का भुगतान वो भी भारतीय सेना के लिए। मैसेज में बताया गया है कि मोदी सरकार ने कैबिनेट की मीटिंग में भारतीय सेना की आधुनिकता और सेना के जवानों जो कि युद्ध क्षेत्र में घायल होते है या शहीद होते है उनके लिए एक बैंक अकाउंट खोला है।

जिसमें हर भारतीय अपनी स्वेच्छा से दान दे सकता है। ये दान एक रुपये से शुरू है। मैसेज में कहा गया है कि इस पैसे का प्रयोग सेना तथा अर्धसैनिक बलों के लिए हथियार खरीदना में भी होगा। कहा गया है कि मन की बात तथा फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्स एप पर लोगों के सुझाव पर मोदी सरकार ने फैसला लेते हुए नई दिल्ली, सिंडिकेट बैंक में आर्मी वेलफेयर फंड बैटल कैजुअल्टी फंड अकाउंट खोला है।

मैसेज में अपील करते हुए कहा गया है कि हमलोग प्रतिदिन सैकड़ों रुपये फालतू के काम में खर्च कर देते है लेकिन यदि हम लोग एक रुपये सेना के लिए दिए तो भारत एक सुपर पॉवर जरूर बनेगा। दावा भी किया गया है कि आपका ये रुपया सीधे रक्षा मंत्रालय के सेना सहायता एवं वॉर कैजुअल्टी फंड में जमा होगा, जो सैन्य सामग्री और सेना के जवानों के काम आएगा।
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इस संबंध में मवई थानाध्यक्ष विनोद कुमार यादव का कहना है कि यह प्रमाणित संदेश नहीं है। ऐसे शातिर ठगों से सावधान रहने की जरूरत है। बताया कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। कहा कि यह पैसा कहां जाएगा कुछ पता नहीं है।
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