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शोध मौखिकी में सफल अभ्यर्थियों को मिलेगी पीएचडी की डिग्री

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शोध मौखिकी में सफल अभ्यर्थियों को मिलेगी पीएचडी की डिग्री
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फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कौटिल्य प्रशासनिक सभागार में कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित की अध्यक्षता में विद्या परिषद की बैठक संपन्न हुई। परिषद की बैठक के क्रम में एमएससी इलेक्ट्रॅानिक्स तथा एमएससी फिजिक्स के पाठ्यक्रम में संशोधन पर निर्णय लिया गया। विभिन्न विषयों में पीएचडी उपाधि प्रदान किए जाने के लिए परीक्षक मंडल की संस्तुति के आधार पर शोध मौखिकी में सफल अभ्यर्थियों के उपाधि प्रदान किए जाने पर सहमति बनी है। प्री पीएचडी कोर्स संरचना को संशोधित करने के लिए संकाय अध्यक्षों की बैठक में संशोधित संरचना के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (एमफिल पी-एचडी उपाधि प्रदान करने के लिए न्यूनतम मापदंड एवं प्रक्रिया) विनियम 2016 एवं वर्तमान प्रभावी शोध अध्यादेश को विश्वविद्यालय में प्रतिस्थापित किये जाने पर सहमति प्रदान की गयी।
बैठक में एकेटीयू, लखनऊ की ओर से अनुमोदित बीटेक एवं एमसीए प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम व राष्ट्र गौरव, पर्यावरण तथा मानवाधिकार विषय के पाठ्यक्रम व नियमावली/ अध्यादेश का अनुमोदित किया गया। बीटेक टूरिज्म एवं हॉस्पिटलिटी तथा बीवोक इन होटल मैनेजमेंट के पाठ्यक्रम एनएसक्यूएफ के अनुरूप संशोधन पर सहमति व्यक्त की गयी। स्नातकोत्तर स्तर के पाठ्यक्रम पर सर्वसम्मति से सहमति बनी। इसके अलावा बीएससी इन फिजिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, कम्प्यूटर साइंस एवं मैथमेटिक्स (विकल्प दो) तथा पीजी डिप्लोमा इन वीएलएसआई डिजाइन के पाठ्यक्रम का अनुमोदन किया गया।
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बैठक में द्विवर्षीय पाठ्यक्रम पीजी डिप्लोमा इन योगाथिरेपी का नाम परिवर्तित कर इसे एमए इन ह्यूमन थिरेपी कान्सेसनेस योगिक साइंस एंड थिरेपी किये जाने पर सहमति बनी। एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा इन अल्टरनेटिव थिरेपी के पाठ्यक्रम पर भी सहमति बनी। विद्या परिषद की बैठक में कला संकायाध्यक्ष प्रो. एनके तिवारी, विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. राजकुमार तिवारी, शिक्षा संकायाध्यक्ष डॉ. नीता सिंह, प्रो. मृदुला मिश्रा, प्रो. केके वर्मा, प्रो. लाल साहब सिंह, प्रो. राजीव गौड़, प्रो. जसवंत सिंह, प्रो. एसएन शुक्ला, प्रो. हिमांशु शेखर सिंह, प्रो. सी के मिश्र, प्रो. श्रीराम विश्वकर्मा, कुलसचिव विनोद कुमार सिंह आदि थे।
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