चेतावनी स्तर से 13 सेमी. ऊपर सरयू, पलायन तेज
फैजाबाद। सरयू/घाघरा ने बुधवार को रौद्र रूप धारण कर लिया है। बहराइच के गिरजा बैराज से छोड़ा गया पानी व पहाड़ों सहित मैदानी इलाकों में हो रही मानसूनी वर्षा से जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। 8 सेमी. प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा जलस्तर शाम छह बजे जलस्तर 91.860 मीटर को पार कर गया। नदी चेतावनी स्तर से 13 सेमी. ऊपर होने के साथ खतरे के निशान से मात्र 87 सेमी. नीचे है। अभियंताओं का कहना है कि बृहस्पतिवार को सरयू खतरे के निशान को पार कर सकती है। उधर, खेतों से होकर आबादी में पहुंच रही नदी की धारा से कछारीय इलाकों से बंधे की ओर पलायन तेज हो गया है। जिला प्रशासन की ओर से अभी नाव समेत बचाव तैयारी नदारद दिख रही है।
गिरजा बैराज से सोमवार देर शाम को 1.25 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद से नदी की लहरें तटवर्ती इलाकों में तबाही को आतुर दिख रही हैं। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अभियंता विनय कुशवाहा ने बताया कि जलस्तर में वृद्धि काफी तेजी से जारी है। सरयू का जलस्तर सोमवार शाम छह बजे 89.43 मीटर था, जो मंगलवार शाम 6 बजे तक 89.79 मीटर पर पहुंच गया है। इसके बाद सरयू के जलस्तर में सात सेमी. की रफ्तार से शुरू हुई वृद्धि बुधवार को 8 सेमी प्रतिघंटा तक पहुंच गई है। अभियंता के मुताबिक सरयू ने चेतावनी स्तर 91.73 मीटर को पार कर अब सरयू के खतरे के निशान 92.73 मीटर तक हिलोर मार रही है। बुधवार शाम छह बजे जलस्तर 91.860 मीटर को पार कर गया। अभियंता का कहना है कि बढ़ने की यही रफ्तार रही तो गुरुवार शाम तक सरयू खतरे के निशान को पार कर सकती है।
उधर, सरयू में बढ़ रहे जल स्तर के बाद कछारवासियों में हलचल मची हुई है। अयोध्या बिल्हरघाट व रौनाही तटबंध के नीचे स्थित कछार में रहने वालों का पलायन शुरू हो चुका है। अयोध्या बिल्हरघाट व रौनाही तट के कछार में स्थित कई गांव उपरहार की शरण में जाने की तैयारी में जुट गए है। साथ ही तटबंधों पर कटान का खतरा भी मंडराना शुरू हो चुका है। खासतौर से रौनाही तटबंध के कैथी मांझा व भरहू का पुरवा के लोग दहशत में हैं। यहां के लोग हर साल बाढ़ की विभीषिका झेलते हैं। साथ ही अयोध्या बिल्हरघाट तटबंध पर मुडाडिहा, सलेमपुर, उरदहवा, गिलेंट, पिपरी संग्राम, बलुईया, धनई का पुरवा, माझा मडना, राम पुर पुवारी के बाढ़ पीड़ित गांव में बसे लोगों का संकट गहरा गया है। इसमें कई गांव के लोग बंधे पर आ गए हैं। सरयू के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण विभाग भी पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। इंजीनियरों को बाढ़-कटान पर नजर रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। डीएम डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि बढ़ाव को देखते हुए राजस्व व सिंचाई समेत राहत व बचाव से जुड़े सभी विभागों के सतर्क कर दिया गया है। एसडीएम अपने-अपने इलाके में नजर रख रहे हैं। राहत व बचाव की तैयारी पूरी है।