मवई। मवई ब्लॉक क्षेत्र के सुनबा के जंगलों में स्थित सिद्धपीठ मां कामाख्या भवानी के दरबार को अनवरत विद्युत आपूर्ति के लिए सैदपुर में नए विद्युत उपकेंद्र का निर्माण होगा। यहां पर 132 केवीए का उपकेंद्र बनेगा। इसके लिए पावर कॉर्पोरेशन के अफसरों और ग्राम प्रधान ने भूमि पूजन किया।
मातारानी का मंदिर अति सुदूर इलाके में होने से आए दिन कटौती और लो वोल्टेज का संकट बना रहता था, इससे निजात दिलाने के लिए प्रस्ताव विधायक रामचंद्र यादव ने शासन को भेजा था। तहसील प्रशासन ने सैदपुर में भूमि भी चिह्नित कर पावर कॉर्पोरेशन के हवाले कर दी थी।
अब पावर कॉर्पोरेशन ने उपकेंद्र के निर्माण के लिए कवायद शुरू कर दी है। मंगलवार को कॉर्पोरेशन के अधिशासी अभियंता डीसी दीक्षित और ग्राम प्रधान दिनेश पांडेय ने भूमि पूजन किया। ग्राम प्रधान दिनेश पांडे ने बताया कि यह विद्युत सब स्टेशन बीस बीघा भूमि में बनाया जाएगा।
इसमें 40-40 एमबी के दो ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। बाबा बाजार उपकेंद्र पर बिजली का लोड अधिक होने से लो वोल्टेज की समस्या से उपभोक्ता त्रस्त थे। समस्या को देखते हुए विधायक ने सब स्टेशन बनाने का प्रस्ताव रखा था। पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन के अधिशासी अभियंता डीसी दीक्षित ने बताया कि सभी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी है।
भूमि भी मानक के अनुरूप मिल गई है। इसके निर्माण पर लगभग 50 करोड़ की लागत आएगी। दो वर्ष में उपकेंद्र बनाने की समयावधि तय है। अक्टूबर 2019 के पहले उपकेंद्र तैयार करने का लक्ष्य है।
बिजली संकट से मिलेगी निजात
सैदपुर में 132 केवीए का उपकेंद्र बन जाने से मां के मंदिर के अलावा सुदूर क्षेत्र को विद्युत संकट से निजात मिलने की उम्मीद है। उपभोक्ता अनंतराम, डॉ. अंशुमान सिंह व संदीप बताते हैं कि माता रानी के मंदिर और इलाके के लिए यह बड़ी खुशखबरी है। सैदपुर में उपकेंद्र का निर्माण होने से विद्युत संकट का हल हो जाएगा।