पूराकलंदर थाना क्षेत्र के महेशपुर गांव का मामला
फैजाबाद। एसओ पूराकलंदर के तौर पर तैनाती के दौरान ग्रामसभा की संपत्ति पर गांव के लोगों को कब्जा करवा देने के मामले में एसओ पटरंगा शमशेर बहादुर सिंह, सिपाही बृजेश कुमार यादव, अश्वनी सिंह समेत आठ लोगों प्रथमदृष्टया दोषी पाते हुए कोर्ट ने विचारण के लिए तलब किया है।
यह तलबी परिवादी ग्राम प्रधान की अर्जी पर सीजेएम राजेश पाराशर की कोर्ट से हुआ है। पूराकलंदर थाने के गांव महेशपुर के प्रधान अजय वर्मा पेशे से अधिवक्ता हैैं। इन्होंने कोर्ट में इस्तगासा दाखिल कर आरोप लगाया था कि गांव के पश्चिम किनारे पर मुख्तारबेग व रामबक्श वर्मा ने सार्वजनिक रास्ते की जमीन पर अवैध निर्माण किया था।
इसे गांव वालों के सहयोग से गिराया गया था। 13 अप्रैल 2017 को दिन में 11 बजे तत्कालीन एसओ पूराकलंदर शमशेर बहादुर सिंह, सिपाही बृजेश यादव, अश्वनी सिंह मौके पर पहुंचे और अन्य विपक्षी अहमद अली, मो. इलियास, नासिर, मो. आबिद व मो. जाबिद को ललकार कर सार्वजनिक जमीन पर फिर से दीवार उठवाने लगे।
इसकी जानकारी होने पर मौके पर पहुंचे परिवादी ने विरोध किया तो उसे जान से मार डालने व वकालत छोड़वा देने की धमकी दी। इसकी शिकायत परिवादी ने थाने पर और एसएसपी से की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। तब कोर्ट में इस्तगासा दायर किया।
कोर्ट ने परिवादी और गवाहों के बयान पर विचार करने के बाद सबको जान से मारने की धमकी देने और हमला करने का प्रथमदृष्टया दोषी पाते हुए विचारण के लिए तलब किया है। मामले में अगली पेशी 4 अक्तूबर नियत की गई है।