रामनगरी में झूलनोत्सव का उल्लास चरम पर
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में झूलनोत्सव का रंग चटख होता जा रहा है। नगरी के सैकड़ों मंदिराें में झूलनोत्सव का उल्लास छाया हुआ है। बड़ी संख्या में विभिन्न प्रांतों से अयोध्या आए श्रद्धालु अपने आराध्य के झूला बिहार का दृश्य देखकर मंत्रमुग्ध हो रहे हैं। मंदिरों में गीत-संगीत एवं अध्यात्म की त्रिवेणी प्रवाहमान है, कजरी गीतों की मधुर ध्वनि श्रद्धालुओं को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित कर रही है। हरे रामा रिमझिम बरसे पनिया, झूले राजा रनियां रे हारी..., अरे रामा सावन मा घनघोर बदरिया छाई रे हारी... जैसे कजरी गीतों की मंदिरों में धूम है।
श्रीरामबल्लभाकुंज में महंत रामशंकर दास वेदांती की अध्यक्षता व अधिकारी राजकुमार दास के संयोजन में संचालित झूलनोत्सव श्रद्धाकर्षण का केंद्र बना हुआ है। अनेक शास्त्रीय एवं लोकगायक व भजन गायक अपनी-अपनी गायन व वादन कला का मनोहारी प्रदर्शन कर झूले में विराजमान सरकार को रिझा रहे हैं।
जानकीघाट स्थित डाडिया मंदिर में महंत लक्ष्मणदास की अध्यक्षता व महामंडलेश्वर गिरीश दास के संयोजन में संचालित झूलन महोत्सव के दर्शन को श्रद्धालुओं की भीड़ लगी हुई है। मंदिर में झूले पर विराजमान रामलला की दिव्य व भव्य अलौकिक मनोहारी झूलन बिहार की झांकी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। वहीं, दूसरी तरफ रामनगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जा रही है। दशरथ महल, बड़ा स्थान, कोशलेश सदन, श्रीमणिराम छावनी, लक्ष्मण किला, अशर्फी भवन, जानकी घाट, विश्वविराट विजय राघव मंदिर, कनक भवन, वैद्यजी मंदिर, रंगमहल, लवकुश मंदिर सहित अन्य मंदिरों में श्रावण झूलनोत्सव का उल्लास छाया हुआ है।