आयोग के निर्देश पर पुनरीक्षण कार्य 17 मई को शुरू हुआ था। जिले में बीएलओ ने घर-घर जाकर गणना कार्ड भरवाया। आयोग का आकलन है कि जनसंख्या के सापेक्ष मतदाताओं का औसत 65 फीसदी होना चाहिए।
इसी के आधार पर तैयार की जा रही मतदाता सूची की मानीटरिंग भी की जा रही है। व्यवस्था के मुताबिक बीएलओ के भरे गए गणना कार्ड का पर्यवेक्षण किया गया। इसके पूरा होने के पहले आयोग के मानक के मुताबिक इसकी जांच के लिए सभी बीडीओ, तहसीलदारों और एसडीएम को जांच सौंपी गई है।
डीएम ने पुनरीक्षण कार्यों की जांच के लिए 11 अन्य अफसरों को भी लगाया है। ब्लॉकवार अफसरों की तैनाती के साथ ही गांव भी तय किए गए हैं।
इनमें मसौधा में जिला कृषि अधिकारी, पूराबाजार में सहायक निबंधक सहकारी समितियां, सोहावल में बीएसए, मयाबाजार में उप कृषि निदेशक प्रसार, बीकापुर में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, तारुन में अलपसंख्यक कल्याण अधिकारी, हैरिंग्टनगंज में जिला गन्ना अधिकारी, अमानीगंज में जिला प्रोवेशन अधिकारी, मिल्कीपुर में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और रुदौली में सहायक अभियंता लघु सिंचाई को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन अफसरों से बीएलओं के कार्यों की सघन जांच के लिए कहा गया है। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी सूर्य भान के मुताबिक डीएम की ओर से पत्र जारी कर दिया गया है।