राजस्थान से मंदिर के लिए जल्द पहुंचेगा 70 हजार घनफुट पत्थर
अयोध्या। अयोध्या में राममंदिर निर्माण को लेकर चल रही कार्यशाला में शीघ्र ही 70 हजार घनफुट पत्थर पहुंचने वाला हैं। रामजन्मभूमि निर्माण कार्यशाला में रखे गए पत्थरों के तराशे जाने के काम में भी तेजी देखी जा रही है। विहिप को ऐसा लगने लगा है कि शीघ्र ही राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा। इसी लिहाज से पत्थर तराशने के कार्य को लेकर अपनी तैयारी पूरी कर लेना चाह रही है।
विश्व हिंदू परिषद का दावा है कि राममंदिर निर्माण के लिए अब तक सवा लाख घनफुट पत्थर तराशे जा चुके हैं। अभी 70 हजार घनफुट पत्थर और तराशे जाने हैं, जिनको मंगाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राजस्थान से खदान से शीघ्र ही ये पत्थर अयोध्या पहुंचने शुरू हो जाएंगे। राममंदिर के लिए पहली मंजिल के पत्थर तराशे जा चुके हैं। अब जो पत्थर तराशी का काम चल रहा है वह दूसरी मंजिल के लिए है।
प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद से ही पत्थरों को अयोध्या लाने में फिलहाल कोई बाधा नहीं है। जीएसटी के आने के बाद बिना किसी अड़चन के पत्थरों को लाया जा सकता है। पहले पत्थर लाने के लिए वाणिज्य कर विभाग से फॉर्म 32 की जरूरत होती थी। ऐसे में अब बचे हुए पत्थरों को तराशी के लिए अयोध्या लाने को राम जन्मभूमि न्यास के पदाधिकारियों ने भी साफ निर्देश दिए हैं।
रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला में पत्थर तराशी कर रहे मुख्य कारीगर रजनीकांत सोमपुरा कहते हैं कि सारे पत्थर इस तरह तराशे और डिजाइन किए गए हैं जैसे पुरातन शैली में बिना सीमेंट के खांचे के माध्यम से जोड़े जाते थे। इसीलिए जब राममंदिर बनाना होगा। तो इसमें केवल पत्थर को उठा कर ले जाने में ही मशक्कत करनी होगी।
विहिप सुप्रीमो स्वर्गीय अशोक सिंहल की अगुवाई में तैयार हुए रामजन्मभूमि मॉडल के अनुसार रामजन्मभूमि मंदिर 268 फुट लंबा, 140 फुट चौड़ा तथा शिखर 128 फुट ऊंचा होगा। मंदिर दो मंजिला है। हर मंजिल पर 106 खंभे हैं। भूतल के खंभे 16.5 फुट ऊंचे, उसके ऊपर 3 फुट मोटे पत्थर का बीम, उसके ऊपर एक फुट मोटी पत्थर की छत होगी।
ऊपर की मंजिल के खंभे 14.5 ऊंचे, फिर बीम व छत होगी। उसके ऊपर शिखर, मंदिर की दीवारें 6 फुट मोटे पत्थरों की तथा चौखट सफेद संगमरमर पत्थर की है। प्रत्येक खंभों में 16 मूर्तियां होगी। मंदिर के अगले भाग में सिंहद्वार, नृत्यमंडप, रंग मंडप और गर्भगृह बनेगा। इसी गर्भगृह में भगवान राम की मूर्ति लगाई जाएगी।
विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा कि राममंदिर निर्माण शीघ्र ही यह करोड़ों हिंदुओं सहित संत समाज की मंशा है। हमने तैयारी भी शुरू कर दी है। मंदिर के भूतल एवं गर्भगृह का निर्माण पूरा हो चुका है। 70 हजार घनफुट पत्थरों की और जरूरत है।
रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के निर्देश के बाद शेष पत्थर राजस्थान से मंगाए जा रहे हैं। वे जल्द ही अयोध्या पहुंचना शुरू हो जाएंगे। शीघ्र ही रामजन्मभूमि न्यास की बैठक भी होने वाली है, बैठक में पत्थर तराशी के लिए कारीगरों की संख्या में भी वृद्धि पर विचार होगा।