मौनी अमावस्या पर उमड़े भक्त, किया पूजन-अर्चन
अयोध्या। मौनी अमावस्या पर्व पर भीषण ठंड पर आस्था भारी पड़ी और रामनगरी में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा। श्रद्धालुओं ने पावन सलिला सरयू में स्नान पूजन कर दान-पुण्य किया। मंदिरों में माथा टेका। ये सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। इस दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
मौनी अमावस्या पर्व पर मंगलवार को रामनगरी अयोध्या में भीषण ठंड एवं कुहासे के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सरयू में आस्था की डुबकी लगाई और दान पुण्य किया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, रामजन्मभूमि समेत अन्य मंदिराें में माथा टेककर पूजन-अर्चन किया। वहीं, मंगलवार होने के कारण हनुमंतलला के दरबार में श्रद्धालुआें की रेला नजर आया। एसपी सिटी अनिल सिंह सिसौदिया ने बताया कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गये हैं। स्नान घाटों समेत सभी प्रमुख मंदिरों के आसपास मजिस्ट्रेटों सहित भारी मात्रा में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
आज भी मनाई जाएगी मौनी अमावस्या
माघ महीने में आने वाली पहली अमावस को मौनी अमावस्या नाम से जाना जाता है। इस अमावस्या की खास बात यह है कि इस दिन मौन रहकर पूजा-पाठ और व्रत किया जाता है। इस बार यह अमावस्या 16 से 17 जनवरी को मनाई जा रही है। मौनी अमावस्या 17 जनवरी को सुबह 7 बजकर 47 मिनट तक रहेगी। मौनी अमावस्या को भौमवती अमावस्या और मौन अमावस्या भी कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन अन्न, वस्त्र, धन, गाय, भूमि और स्वर्ण दान के रूप में दिया जाता है, साथ ही तिल का दान भी श्रेयस्कर बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से देवताओं से पुण्य की प्राप्ति होती है और पितरों को शांति मिलती है।
शृंगी ऋषि आश्रम पर उमड़े श्रद्धालु
सरयू तट पर स्थित श्री शृंगी ऋषि आश्रम में श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर दान पूजन किया और पूरे वर्ष सुख शांति की कामना की। आश्रम के पुजारी ऋषि प्रसाद गोस्वामी ने बताया कि इस वर्ष मौनी अमावस्या दो दिन होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में कुछ कमी आई फिर भी करीब 10 हजार श्रद्धालुओं ने मां सरयू के जल में आस्था की डुबकी लगाई। बुधवार को भी आश्रम पर भीड़ उमड़ने की संभावना है।