फैजाबाद। राजस्व लेखपालों की हड़ताल अब गंभीर होने लगी है। लेखपालों ने पिछले 17 अक्टूबर से तहसील दिवस के बहिष्कार के साथ आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र पर रिपोर्ट लगाने का काम भी बंद कर दिया।
इससे आम लोगों की परेशानी बढ़ने लगी हैं। आवश्यक कार्यों के लिए लोगों को प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहे हैं। अब तक जिले में लगभग 10 हजार से ज्यादा की संख्या में लोगों के प्रमाण पत्र फंस गए हैं।
व्यावहारिक कठिनाइयों के कारण प्रशासन कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं कर पा रहा है। अब स्थिति यह है कि हड़ताल के कारण तहसील दिवस में आने वाले फरियादियों के राजस्व संबंधी कार्य को बाधित हो रहे हैं।
प्रमाण पत्र न बनने के कारण समस्या बढ़ गई हैं। जिले में आम दिनों में भी प्रतिदिन नौ सौ से ज्यादा की संख्या में प्रमाण पत्र जारी होते हैं लेकिन बहिष्कार के कारण प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं।
लेखपाल संगठन का अनुमान है कि दस हजार प्रमाणपत्र लंबित हैं। सीआरओ रामजस गौतम ने बताया कि हड़ताल से प्रमाणपत्र बनने में रुकावट आई है। जल्द विकल्प तलाशा जाएगा।
एसडीएम रुदौली गिरजेश चौधरी ने बताया कि लेखपालों के कार्य बहिष्कार से आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं। वैकल्पिक व्यवस्था में भी व्यावहारिक कठिनाइयां हैं।
31 तक मांगें पूरी न हुईं तो होगा संपूर्ण बहिष्कार
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष अमरनाथ पांडेय ने बताया कि कार्य बहिष्कार लेखपाल पद की शैक्षिक योग्यता स्नातक करने, पद नाम उप राजस्व निरीक्षक कि ए जाने, ग्रेड पे 2800 रुपये करने, एसीपी की विसंगति दूर करने, स्थानांतरण संबंधी नियमावली का संशोधन, लैपटॉप व स्मार्टफोन उपलब्ध कराने, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग को लेकर है।
उनका कहना है कि मांगों पर कार्रवाई न होने के कारण पिछले 17 अक्टूबर से ई-डिस्ट्रिक्ट का संपूर्ण कार्य अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। 31 अक्टूबर तक मांगे न माने जाने पर संपूर्ण बहिष्कार किया जाएगा।