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टैक्स कम होने के बाद भी सस्ती नहीं हुईं वस्तुएं

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टैक्स कम होने के बाद भी नहीं सस्ती हुईं वस्तुएं
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फैजाबाद। एक जुलाई से देश भर में जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लागू होने के बाद टैक्स तो कम हो गया लेकिन अभी तक वस्तुओं की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अभी भी बाजारों में पुराने एमआरपी की वस्तुएं ही बेंची जा रही हैं।

बाजार में चावल के दामों में एक-दो रुपए की कमी हुई है, लेकिन दैनिक उपयोग की वस्तुएं अभी भी पुराने दामों पर ही बेची जा रही है। जब ग्राहक दुकानदारों से जीएसटी का हवाला देते हुए दाम कम करने की बात करते हैं, तो उनका जवाब होता है कि पुराना स्टॉक खत्म करने के बाद, नया माल आएगा, तो उस हिसाब से बेचेंगे।
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दाल और चावल के दामों पर चर्चा करें तो पहले इन पर वैल्यू ऐडेड टैक्स क्रमश: एक और चार फीसदी था, जबकि वर्तमान में जीएसटी इन पर शून्य है। इस प्रकार इनके दामों में कमी होनी चाहिए, लेकिन बाजार में अभी भी दाल पहले की कीमत पर ही बेची जा रही है।

जीएसटी लागू होने से पूर्व अरहर की दाल 60 रुपए प्रति किलो बेची जा रही थी, अभी भी उसी मूल्य पर बिक रही है। वहीं चावल के दामों में एक-दो रूपये की कमी आई है। सर्वाधिक मिनरल वाटर पर 9 फीसदी टैक्स घटा है लेकिन इसका असर कहीं भी नहीं दिख रहा है।

20 रुपए में मिलने वाली मिनरल वाटर की बोतल आज भी 20 रूपये में ही मिल रही है। कपड़ा धोने के साबुन पर टैक्स 20.5 फीसदी से घटकर 18 फीसदी हो गया, लेकिन अभी भी बाजार में यह पुराने दर पर 69 रुपए प्रति 4 साबुन की दर से ग्राहकों को मिल रहा है।

इसी प्रकार सोडा वाटर पर टैक्स 31 फीसदी से घटकर 28 फीसदी, मशीनरी पार्ट्स पर 27 से घटकर 18 फीसदी हुआ है, लेकिन ग्राहकों को आज भी इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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रिकाबगंज स्थित एक किराना स्टोर पर घरेलू उपयोग के सामान खरीदने गए संजय यादव, रामरूप ने बताया कि दुकानदार से दाम कम करने के लिए कहा गया तो उसने जवाब दिया कि अभी तक कंपनी से नया रेट निर्धारित नहीं हुआ है, पुरानी दर पर जो सामान लाए हैं, उसे उसी दर पर बेच रहे हैं।
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