इटावा। नई दिल्ली- हावड़ा रेलवे ट्रैक देश का सबसे महत्वपूर्ण और अति व्यस्तम रेलवे ट्रैक है। अब ऐसे में पिछले दिनों दो अतिविशिष्ट ट्रेनों शताब्दी व गरीब रथ पर पथराव करने की घटना चिंता में डालने वाली जरूर है। भले ही आरपीएफ ने पत्थरबाजी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें अलीगढ़ जेल भेज दिया हो।
पत्थरबाजी की घटना छह जुलाई की शाम की है। जब ट्रेन नंबर 12034 नई दिल्ली- कानपुर शताब्दी एक्सप्रेस और ट्रेन नंबर 12878 नई दिल्ली- रांची गरीब रथ एक्सप्रेस कानपुर की ओर जा रही थी। उसी दौरान सराय भूपत रेलवे स्टेशन के पास शाम के समय कुछ लोगों ने चलती ट्रेन को निशाना बनाते हुए अकारण पत्थर फेंकें। इससे ट्रेनों के कोच के शीशों पर पत्थर लगते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया। हालांकि यात्री बाल-बाल बच गए थे। पत्थर कानपुर शताब्दी एक्सप्रेस के सी-7 कोच व गरीब रथ के डी-15 कोच पर लगे थे। इन दोनों ही महत्वपूर्ण ट्रेनों के ऊपर हुए पथराव की सूचना मिलने के बाद से ही आरपीएफ सक्रिय हो गई। उसी दिन से आरपीएफ के सुरक्षा कर्मी पत्थरबाजों की तलाश में जुट गए। आखिरकार आरपीएफ ने मुखबिर की सटीक सूचना पर दोनों पत्थरबाजों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की। नई दिल्ली- कानपुर शताब्दी एक्सप्रेस का ठहराव इटावा में है और यह शाम 7:05 बजे आती है। दो मिनट के बाद ट्रेन कानपुर रवाना होती है। जबकि गरीब रथ एक्सप्रेस नॉन स्टॉपेज ट्रेन है। इसका समय भी इटावा से शाम को समय होता है।
आरपीएफ पोस्ट के प्रभारी निरीक्षक गजेंद्र पाल सिंह के अनुसार पकड़े गए आरोपियों में रिशु निवासी गांव शमशेरगढ़ थाना किशनी जनपद मैनपुरी हाल पता मैनपुरी फाटक मामा का घर थाना सिविल लाइन व प्रियांशु निवासी अड्डा जालिम थाना सिविल लाइन है। दोनों को आरोपियों को एसएसआई सत्यदेव सिंह व एसआई हीराचंद मीना ने मुखबिर की सूचना पर अड्डा जालिम थाना सिविल लाइन क्षेत्र से पकड़ा है। दोनों को अलीगढ़ जेल भेज दिया गया है। प्रभारी निरीक्षक जीपी पाल ने बताया दोनों आरोपियों ने नशे में चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी की।