चकरनगर (इटावा)। कोटा बैराज और काली सिंध बांध से 24 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गुरुवार को चंबल नदी का जलस्तर खतरे के निशान 119.80 मीटर को पार कर नौ मीटर ऊपर 128.15 मीटर पर पहुंच गया है। 18 गांवों से मुख्यालय का संपर्क टूट गया है। इधर, यमुना नदी का भी जलस्तर 120.39 मीटर पर पहुंच गया है।
चंबल की बाढ़ से प्रभावित 18 गांवों में रेस्क्यू का काम शुरू हो गया है। बाढ़ प्रभावित गांवों की बिजली काट दी गई है। चंबल के साथ ही यमुना में आई बाढ़ से करीब दो लाख की आबादी प्रभावित हुई है। प्रशासन ने एनडीआरएफ की टीम बुलाकर राहत कार्य में लगा दी है।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक जलस्तर 46 सेमी. और बढ़ता है तो चंबल पिछले सारे रिकार्ड तोड़ देगी। 2019 में चंबल ने पिछले सारे रिकार्ड तोड़े थे और जलस्तर 128.53 मीटर तक पहुंचा था, जो अब तक का सबसे ज्यादा है।
हरोली ,धरमपुरा गांव यमुना और चंबल नदी के बीच घिरे होने के कारण चारों ओर से पानी आ गया है। लोगों ने ऊंचे स्थानों पर आश्रय ले लिया है। जरूरतमंद लोगों को आवागमन के लिए प्रशासन ने डोगियों की व्यवस्था की है। भरेह गांव के लोगों ने ऊंचाई पर बने राजा रूप सिंह के किले में डेरा जमा लिया है।
ग्रामीण शांति देवी, जगत राम, राजेश पांडे , सीताराम ने बताया कि गांव का आवागमन पूर्णतया बंद हो गया है। गांव की सोनू सिंह भदौरिया, शरद भदौरिया, दीपा, सुनीता देवी, बैकुंठी ने अभी खाने पीने की दिक्कत नहीं है। कुंवारी क्षेत्र के गांव में ललू पुरा , चोरेला खोड़न, भजनपुरा के रास्तों में पानी भर गया है।
सुनीता देवी बोरी में राशन लेकर सुरक्षित स्थान को जाती हुईं। संवाद- फोटो : ETAWAH
डिभौली गांव के मुख्य मार्ग की पुलिया की दोनो ओर की एप्रोच बाढ़ के पानी से धसकी। संवाद- फोटो : ETAWAH
दिलीप नगर मड़ैया गांव मे घुसा पानी। संवाद- फोटो : ETAWAH
भरेह संगम में वही जा रहीं तीन भेंस को निकालते ग्राम प्रधान राघवेंद्र प्रताप सेंगर, राशन डीलर सरमन- फोटो : ETAWAH
हरोली गांव में पानी भरने के बाद ट्रेक्टर से सुरक्षित स्थान पर जाते ग्रामीण। संवाद- फोटो : ETAWAH
बीहड़ में डेरा जमाए परिवार। संवाद- फोटो : ETAWAH
पानी में डूबी गांव गोहानी की फसलें। संवाद- फोटो : ETAWAH
भरेह गांव में पानी में डूबे घर। संवाद- फोटो : ETAWAH
भरेह गांव में भरा पानी। संवाद- फोटो : ETAWAH
बीमार दुर्गा देवी ने ककरैया जंगल में लिया आश्रय। संवाद- फोटो : ETAWAH
र में पानी भर जाने पर रूपा भरेह चौकी में डेरा जमाए बच्चे। संवाद- फोटो : ETAWAH