गायत्री पीठ शांति कुुंज हरिद्वार की ओर से शहर के जीआईसी मैदान पर हो रहे 24 कुंडीय यज्ञ में मंगलवार को बड़ी संख्या में लोगों ने आहुुतियां डालीं।
यज्ञ प्रारंभ होने से पहले टोली नायक राजकुमार भृगु ने यज्ञ की महिम का वर्णन करते हुए कहा कि यज्ञ के तीन अर्थ हैं दान, देवपूजा और संगतीकरण। उन्होंने बताया कि सत्कर्मो के लिए दिया गया दान यज्ञ ही कहलाता है। भली चाह रखने वालों का सम्मान करना ही देवपूजा है। अच्छे लोग मिलते रहे यही संगतीकरण है।
दोपहर दो बजे शांतिकुंज के प्रतिनिधि बनवारी लाल सैनी एवं प्रदीप कुमार अवस्थी ने गोष्ठी कर लोगों की समस्या का समाधान किया।