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Etawah News: बुनकर बिल जमा करने पर राजी, बिजली विभाग कर रहा आनाकानी

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इटावा। जिले के पावरलूम बुनकर इन दिनों काफी कशमकश के दौर से गुजर रहे हैं। वह अपना बिल जमा करना चाह रहे हैं, लेकिन उनका आरोप है कि बिजली विभाग बिल जमा करने में आनाकानी कर रहा है। विभाग की ओर से बड़ी रकम बताई जा रही है, जो शासनादेश के अनुसार बुनकरों पर बकाया नहीं बनता है। इससे बुनकर मानसिक रूप से परेशान हैं। 30 साल पहले शहर में बाह अड्डा, आलमपुरा, शाहग्रान, मेहतर टोला, करनपुरा, नखासा, पथवरिया, मड़ैया शिवनारायण में लगभग 20 हजार पावरलूम लगे थे। यहां पर पर्दे, चादरें और अंगौछे बनते थे। पर्दे और चादरों की मांग विदेशों तक में होती थी, लेकिन समय की मार के चलते पावरलूम धीरे-धीरे बंद होते चले गए। हालात यह हो गए कि अब करीब तीन हजार पावरलूम बचे हैं। उनमें से 90 प्रतिशत हैंडलूम के हैं। यानी इनके पास लगाने के लिए पूंजी नहीं है, लिहाजा वह दूसरों का माल तैयार कर रहे हैं। या फिर पावरलूम चलाने वाले बुनकर ई-रिक्शा, ऑटो, मजदूरी इत्यादि कार्य कर रहे हैं।
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बुनकर एकता समिति के अध्यक्ष मोहम्मद इदरीश अंसारी के अनुसार, जिले में इस समय करीब चार हजार पावरलूम बुनकर हैं। आधा हॉर्सपावर के पावरलूम यानी 60 इंच से नीचे 65 रुपये प्रति पावरलूम की बिजली दर है। इसमें दस प्रतिशत एक बल्व व पंखा चला सकते हैं, लेकिन परिवार के लिए उन्हें घरेलू कनेक्शन लेना होगा। जबकि एक परिवार में दो कनेक्शन नहीं हो सकते हैं।
बिजली विभाग घरेलू कनेक्शन लेने को कहता है। जबकि बिजली विभाग ने वर्ष 2006 में प्रदेश सरकार ने पावरलूम बुनकरों फ्लेट रेट पर बिजली देने की सुविधा प्रदान की थी। लेकिन एक अगस्त 2020 के बाद बिजली विभाग बिल जमा नहीं कर रहा है। जबकि शासन ने एक अगस्त 2020 से 31 मार्च 2023 तक बकाया बिल जमा करने का आदेश जारी किया था। इससे बुनकर मानसिक रूप से प्रताड़ित हैं।
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जिले में पंजीकृत हैं 521 पावरलूम बुनकर
परिक्षेत्रीय सहायक आयुक्त हथकरघा वस्त्रोद्योग सुनील कुमार के अनुसार, उनके पास 521 पावरलूम बुनकर पंजीकृत हैं। इन्हें विभाग की योजनाओं का लाभ मिलने के अलावा जीएसटी में पांच प्रतिशत की छूट भी मिल रही है। पावरलूम का पंजीकरण करने के लिए बुनकर को पावरलूम लगे होने, बिजली का कनेक्शन लगे होने का ब्योरा फार्म में भरकर जमा करना होता है। इसके बाद विभागीय टीम जाकर पावरलूम लगे होने का सत्यापन करती है। कहा कि पंजीकरण की शर्त यह है कि पावरलूम आवेदक के नाम हो चलता हो तभी पंजीकरण किया जाता है।


2021 में मीटर रीडिंग के आधार पर जमा करना था बिल
अगस्त 2021 से पहले नियम के अनुसार 60 इंच तक के पावरलूम का फ्लेट रेट 68 रुपये और 60 इंच से ऊपर के पावरलूम का बिल 72 रुपये मासिक निर्धारित था, लेकिन 2021 के बाद फ्लेट रेट खत्म कर दिया गया और मीटर रीडिंग के हिसाब से कामर्शियल बिल जमा देना था। अप्रैल 2023 में नई दरें आईं इसमें एक हार्सपावर के एक पावरलूम के कनेक्शन पर 400 रुपये बिल जमा करना है। बुनकर 31 मार्च 2023 तक बिल फ्लेट रेट पर जमा कर सकते हैं। बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी पावरलूम बुनकर फ्लेट रेट योजना के तहत 60 इंच के लूम पर 65 रुपये, 60 इंच से ऊपर के लूम पर 130 रुपये देना होगा। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 60 इंच के लूम पर 37.50 रुपये व 60 इंच से ऊपर के लूम पर 75 रुपये महीना लिया जाएगा। जबकि अतिरिक्त मशीनों प शहरी क्षेत्र में 130 रुपये व ग्रामीण क्षेत्र में 75 रुपये लिया जाएगा। पांच किलो वाट के बिजली कनेक्शन पर बुनकरों को प्रति लूम 400 रुपये देना होगा। भार अधिक होने पर 800 रुपये देना होगा। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 300 व 600 रुपये देना होगा। पांच किलो वाट के अन्तर्गत ही बाबिन मशीन, वार्पिंग मशीन, डबलिंग मशीन, वाईंडर मशीन के अलावा बल्व व पंखा शामिल हैं।
वर्जन
वर्ष 2017-18 में बिजली विभाग व हथकरघा विभाग ने संयुक्त रूप से सर्वे चलाया था। जिसमें जिनके पावरलूम चल रहे थे उन्हें कनेक्शन दिया गया था। तब यूनिट का टैरिफ चल रहा था। बुनकर 72 रुपये देना चाह रहे थे। इस वजह से बिजली विभाग ने लिया नहीं। अब टेरिफ सिस्टम खत्म हो गया। बुनकर फ्लेट रेट पर 400 रुपये जमा कर दें। करीब 1800 बुनकरों के कनेक्शन हैं। बताया कि लंबे समय से बुनकरों ने बिल जमा नहीं किया। इस दौरान बिल बढ़ गया, किश्तों में भुगतान नहीं लेते, इसके लिए पत्रावली चल रही है। चार साल पुराना बिल को रिवायज करने में समय लगेगा। इसलिए समस्या हो रही है। -संदीप अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता विद्युत।
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