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Etawah News: मास्क लगाएं, नमस्ते करें... इन्फ्लूएंजा से बचें

Sat, 18 Mar 2023 12:31 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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इटावा। इस समय फ्लू से मिलते-जुलते लक्षणों वाली बीमारी एच-3, एन-2 इन्फ्लूएंजा वायरस की वजह से हो रही है। इसको लेकर लोगों में बड़ी दुविधा है। कोई इसे कोरोना से जोड़ रहा है तो कोई इसे सामान्य खांसी, जुकाम समझ रहा है। इसी दुविधा से बचने के लिए केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष और ताखा के बंहनीपुर के मूल निवासी डॉ. सूर्यकांत ने सुझाव दिए हैं। उनका कहना है कि इन्फ्लूएंजा से बचने के लिए मास्क लगाएं और नमस्ते करें। सावधानी ही बचाव का सबसे बेहतर तरीका है।
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डॉ. सूर्यकांत का कहना है कि इस समय लोगों में तेज बुखार, खांसी एवं गले में खरास के लक्षण पाए जा रहे हैं। कभी-कभी उल्टी व दस्त भी हो रहे हैं। सामान्यत: दवाओं का इन पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ रहा है। मरीज परेशान हैं कि उनकी खांसी, जुकाम ठीक क्यों नही हो रही है। वैसे तो यह समस्या हर उम्र के लोगों में है पर 15 या इससे कम आयु के बच्चों व 55 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को ज्यादा हो रही है। ऐसे लोग जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है या वह किसी अन्य बीमारी से पीड़ित हैं, तो एच-3, एन-2 इन्फ्लूएंजा वायरस ज्यादा प्रभावित कर रहा है।
फ्लू के अन्य वायरस की तुलना में एच-3, एन-2 इन्फ्लूएंजा वायरस की संक्रामकता एवं लक्षणों की तीव्रता ज्यादा है। इसकी मारक क्षमता कम है। पहले के फ्लू में तीन से सात दिनों में लक्षण खत्म हो जाते थे और मरीज स्वस्थ हो जाते थे, लेकिन एच-3, एन-2 इन्फ्लूएंजा के लक्षण मरीजों में लंबे समय तक यानि 15 दिनों तक भी रह रहे हैं।
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अगर इतिहास में देखें तो वर्ष 1918-19 में स्पेनिश फ्लू, 2002-03 में सार्स, 2005 में फ्लू, 2009-10 में स्वाइन फ्लू, 2014-15 में इबोला और 2019 से कोविड-19 का गंभीर रूप सामने आया है।
बीमारी से बचाव के लिए क्या करें
तेज बुखार आने पर गीली तौलिया से पूरे शरीर को पोछें डॉ. सूर्यकांत का कहना है कि उपचार की बात की जाए तो जैसे ही लोगों को वायरस के शुरुआती लक्षण दिखने लगें तो कुछ जरूरी बातों को ध्यान में रखकर इससे बचा जा सकता है। सबसे पहले तो अपने चिकित्सक से परामर्श लें। तेज बुखार होने की स्थिति में गीली तौलिया से पूरे शरीर को पोछ लें। इससे जल्द ही शरीर का तापमान सामान्य हो जाएगा। ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, तरल पदार्थों का सेवन करें और शरीर को हाईड्रेट रखें। ठंडी चीजों से दूर रहें। गर्म पानी का भाप दिन में कम से कम दो बार अवश्य लें। इसमें एंटीबायोटिक का कोई खास रोल नहीं होता है, इसलिए किसी भी प्रकार की एंटीबायोटिक का इस्तेमाल बिना डॉक्टर के परामर्श के न करें।
बच्चों और बुजुर्गों को हर वर्ष लगवाना चाहिए टेट्रावेलंट टीका
बच्चों, लंबी बीमारी से ग्रसित रोगियों और बुजुर्गों को चिकित्सक की सलाह से एच3एन2 इन्फ्लूएंजा वायरस का टेट्रावेलंट टीका प्रतिवर्ष लगवाना चाहिए। इन्फ्लूएंजा के एक टीके से एच1एन1, एच2एन2 के साथ-साथ एच3एन2 से भी बचाव होगा। इन्फ्लूएंजा वायरस से बचने के लिए खानपान में उन चीजों को शामिल करें जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती हो। जैसे हल्दी, नींबू, ऑवला, हरी सब्जियां, फल आदि। यह शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार होते हैं। जिन लोगों को खांसी, जुकाम और बुखार हो तो ऐसे लोगों से दूरी बनाकर रखें। पास जाना हो तो मास्क का उपयोग करें। भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। ध्यान रखें जब भी किसी वस्तु को छुएं तो हाथों को साबुन से धोएं। कोविड अनुरूप व्यवहार को एक बार फिर अपनाएं।
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