जसवंतनगर। तीन हजार की आबादी वाले गांव कुरसेना में एक करोड़ से बनाई गई पानी की टंकी शोपीस बनी हुई है। 15 साल से इस टंकी से लोगों को आपूर्ति नहीं मिल सकी है। इसकी मोटर खराब पड़ी है और ऑपरेटर भी नहीं है।
कुरसेना गांव में 2007 में जल आपूर्ति के लिए टंकी बनवाई गई थी। इससे कुरसेना, हनुमंत खेड़ा, धोरेरा तथा नगला नवल में पानी की आपूर्ति के लिए पाइप लाइनें बिछाई गई थीं।
दस हजार लीटर की क्षमता वाली टंकी का लगभग छह माह तक प्रयोग हुआ। इसके बाद से यह टंकी शोपीस बनी हुई है। ग्रामीण दयानंद, राजेश कुमार, उपदेश कुमार, पिंटू, गिरजेश, विमल कुमार का कहना है कि पानी की टंकी की मोटर खराब पड़ी है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार समाधान दिवस में शिकायतें की गईं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
ऑपरेटर की व्यवस्था नहीं
कुसरेना गांव के अमीर सिंह का कहना है कि इस टंकी पर कोई ऑपरेटर नहीं है। पानी की टंकी बनने के कुछ समय बाद से ही बंद पड़ी है। गांव में पाइपलाइन बिछ चुकी है। टंकी की मोटर खराब पड़ी है।
लोग पानी के लिए परेशान
रवींद्र कुमार ने बताया कि लगभग 15 वर्ष पहले यह टंकी बनी थी। तब लोगों में स्वच्छ जल आपूर्ति समय पर मिलने की उम्मीद जागी थी। लेकिन कुछ दिन लाभ मिलने के बाद टंकी बंद हो गई।
ग्राम प्रधान दीपिका यादव का कहना है उन्हें अभी तक टंकी हस्तांतरित नहीं की गई है। इसके कारण रखरखाव नहीं कर पा रहे हैं। टंकी के रखरखाव के लिए जो पैसा आता है, वह जल निगम के कर्मी ही खर्च कर देते हैं।