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Etawah News: भरथना विधायक ने विधानसभा में उठाया यमुना पर स्थायी पुल का मुद्दा

Tue, 28 Feb 2023 11:57 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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निबाड़ीकला। महेवा ब्लाॅक के गांव अंदावा से चकरनगर जाने के लिए यमुना नदी पर स्थायी पुल बनवाने का मुद्दा भरथना विधायक राघवेंद्र गौतम ने विधानसभा में उठाया है। उन्होंने कहा कि पुल न बनने के कारण आठ माह तक 100 गांवों की आबादी परेशान रहती है। चार माह पीपे के पुल से आवागमन होता है।
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मंगलवार को अमर उजाला ने पीपे का पुल तैयार, स्थायी का इंतजार खबर प्रकाशित की थी। इसमें लोगों की समस्या को बताया था। भरथना विधायक राघवेंद्र गौतम ने इसे गंभीरता से लेकर सदन में अभिभाषण के दौरान कहा कि चकरनगर में पांच नदियों का संगम है। इसे पंचनद के नाम से जानते हैं। इस क्षेत्र में प्रत्येक वर्ष 42 गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। उन्होंने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए पुल की मांग उठाई है। कहा कि क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली आपूर्ति की व्यवस्था बेपटरी हो गई है। कई दशक से महेवा, अहेरीपुर और चकरनगर गांवों को नगर पंचायत बनाए जाने की मांग की जाती रही है। इन ग्राम पंचायतों की आबादी दस हजार से अधिक है। मानक पूरा होने के बाद भी इनका प्रस्ताव अटका है।



तत्कालीन भाजपा जिलाध्यक्ष शिवमहेश दुबे ने वर्ष 2018 में विधायक की संस्तुति पत्र के साथ नगर पंचायत बनवाने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन यह सफल नहीं हो सका। इससे पहले भी कई बार इस मुद्दे को प्रमुखता के साथ उठाया जा चुका है। वर्ष 2009 अब तक छठवीं बार यह प्रस्ताव भेजा गया है।
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आदर्श गांव भी रह चुका है महेवा


वर्ष 2014 में देश में भाजपा की सरकार बनी और इटावा से अशोक दोहरे को सांसद चुना गया। इसी बीच प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों को अपने क्षेत्र के एक ग्राम को गोद लेकर उसे आदर्श बनाए जाने की घोषणा कर दी गई। तत्कालीन सांसद ने ग्राम पंचायत महेवा को आदर्श ग्राम घोषित किया था। अधिकारियों की ओर से 48 बिंदुओं पर कार्ययोजना बनाई गई। विकास के नाम पर सिर्फ एक पानी की टंकी का निर्माण ही हो सका।

फोटो 07 - कांग्रेस नेता आशुतोष दीक्षित। संवाद



बोले जनप्रतिनिधि

कांग्रेस के प्रदेश सचिव आशुतोष दीक्षित ने बताया कि महेवा को नगर पंचायत बनाने के लिए कई प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन ये प्रस्ताव पास नहीं हुए। उन्होंने बताया कि पूर्व मंत्री स्व. गौरीशंकर की ओर से जनपद औरैया की ग्राम पंचायत अटसू को नगर पंचायत बनाने के लिए आसपास के कई गावों को इसमें जोड़ा था। तब अटसू नगर पंचायत बन सका।



ये हैं मानक



नगर पंचायत सृजन संबंधी शासनादेश दिनांक 6 अक्तूबर 2016 के अनुसार प्रदेश में किसी भी नगर, गांव /उपनगर , बाजार या बसे हुए स्थान को नगर पंचायत में परिवर्तित किए जाने के लिए प्रस्तावित क्षेत्र की कुल जनसंख्या, मैदानी क्षेत्रों में 20 हजार (2011 की जनगणना के अनुसार) या उससे अधिक होनी चाहिए।
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