इटावा/चकरनगर। निर्माणाधीन ढकरा पुलिया के आसपास बारिश होते ही दलदल जैसी स्थिति हो गई। 74 गांवों के लोगों को आवागमन में खासी परेशानी हुई। सुबह स्कूल-कॉलेज के लिए निकले बच्चों के वाहन व अन्य गाड़ियां फंस गईं। इससे कई छात्रों की प्री-बोर्ड की परीक्षाएं छूट गईं। कई बच्चे देरी से स्कूल पहुंचे।
तीन दशक से बीहड़ क्षेत्र के लिए मुसीबत का सबब बनी ढकरा पुलिया से अभी भी लोग परेशान हैं। इस पुलिया के निर्माण की स्वीकृति के बाद ठेकेदार की ओर से निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है, लेकिन कई दिनों से सिर्फ मिट्टी डालकर काम धीमी गति से हो रहा। ऐसे में बारिश होते ही ढकरा पुलिया दलदल बन जाती है। रविवार शाम से रुक-रुक कर हुई बारिश से एक बार ऐसी ही स्थिति बन गई।
सोमवार सुबह स्कूलों और अन्य काम के लिए निकले वाहन दलदल में फंस गए। सुबह करीब साढ़े आठ बजे एक स्कूल की बस कीचड़ में फंस गई। इसमें करीब 11 बच्चे सवार थे। करीब 11 बजे तक बस कीचड़ में फंसी रही। इससे बच्चे स्कूल नहीं पहुंच सके। वहीं, भरथना स्थित स्कूल जाने वाले बच्चे कच्चे रास्ते की वजह से पहुंच नहीं सके। ढकरा और आसपास के कॉलेजों तक बच्चे कीचड़ से होकर पैदल पहुंचे। बाइकें फंसने पर लोगों को कीचड़ में उतरकर घसीटना पड़ा। दिनभर की भागदौड़ के बीच लोगों को परेशान होना पड़ा।
सहसो थाने के पैरोकार फंसा, कोर्ट जाने में लगी देर
सहसो थान के पैरोकार दिनेश ने बताया आवश्यक दस्तावेज लेकर कोर्ट तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है। ढकरा पुलिया पर काफी दलदल है। कोई वाहन नहीं जा रहा है। ऐसे में पैदल ही जा रहे हैं। जाने में बहुत देरी हो गई है। जज साहब की फटकार सुननी पड़ेगी।
दलकल होने से कॉलेज तक नहीं पहुंच सके
रानीपुरा निवासी पंकज ने बताया ढकरा पुलिया पर भीषण दलदल है, जहां से निकलना मुश्किल है। भरथना के आदर्श जनता काॅलेज में प्री बोर्ड परीक्षा चल रही है। इस रास्ते से निकल नहीं पाने की वजह से परीक्षा छूट गई। उसके चार साथियों की भी परीक्षा छूटी है। सहसों निवासी छात्रा नंदिनी ने बताया कि जवाहर इंटर कॉलेज में सोमवार को प्री बोर्ड परीक्षा थी। ढकरा पुलिया से वाहन निकल नहीं पाए, इस कारण पैदल जाना पड़ा। परीक्षा में पहुंचने में देरी हो गई।
पुलिया निर्माणाधीन है। बारिश की वजह से काम प्रभावित हुआ था। निर्माण कार्य जहां चल रहा है। जल्द ही खड़ंजा बनवा दिया जाएगा, ताकि लोगों को परेशानी न हो। साथ ही ठेकेदार को तेजी से काम करने के लिए चेतावनी दी जाएगी।
- नरेश चंद्र, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग।