फ़ोटो 40 : ग्राम अंडावली में खेतों में पड़ी सरसों। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
जसवंतनगर। कई दिनों मौसम में आ रहे बदलाव से किसानों की धड़कनें कम होने का नाम नहीं ले रही है। तीन दिनों से धूप- छांव के बीच लुकाछिपी का खेल चल रहा है। सोमवार की शाम धूल भरी तेज हवाओं के दौरान हुई बारिश ओलावृष्टि से किसानों की आह निकल पड़ी। गुरुवार की दोपहर भी क्षेत्र के कई हिस्सों में जोरदार बरसात हुई।
किसानों का कहना है कि यह बारिश ऐसे समय हो रही है जब खेतों में गेहूं की फसल या पकने की स्थिति में या फिर उनमें बाली पड़ रही हैं, और गेहूं के दाने बनने की प्रक्रिया चल रही है। दूसरी ओर क्षेत्र में आलू की खोदाई भी अंतिम दौर में चल रही है। जबकि सरसों की फसल भी कटने को तैयार है। कुछ खेतों में कटकर खलियानों में पहुंच गई है। गुरुवार को काले बादलों के बीच पुरवइया हवा चलने और गरज- चमक के बीच बारिश के साथ ओले गिरने से किसानों की चिंताएं तो बढ़ीं हीं। साथ ही लोगों को मार्च के महीने में ठंडी का अहसास होने लगा।
क्षेत्र के गांव रुकनपुरा ,हरकूपुरा, निलोइ, प्रताप पुरा, छिमारा आदि के किसानों का कहना है कि दो दिन से हुई बरसात से आलू की खोदाई और बोरों में भराई कार्य काफी प्रभावित हुआ है। बताया कि कई दिनों से गर्मी पड़ने से आलू का तापमान वैसे ही बढ़ा हुआ है। बरसात से आलू खुले में पड़े रहने पर सड़ने की आशंका सता रही है। गांव मलाजनी, डुढ़हा, बीवामऊ, फुलरई, कुरसैना धनुआ, खेड़ा धौलपुर, भावलपुर आदि के गेहूं उत्पादक किसान खेती करते हैं और सरसों काटकर खलिहानों में रखी है।
रामदीन, महेश आदि का कहना है कि गेहूं की फसल तेज हवा और पानी से 20 से 25 प्रतिशत तक खेतों में पसर गई है। गेहूं की बाली पक चुकी हैं, लेकिन बरसात से गेहूं दागी होने की संभावना बढ़ गई है। कहा कि इस समय बरसात होना या ओला वृष्टि दोनों ही किसानों के लिए नुकसानदायक है। बताया कि बरसात से गेहूं के पेड़ के तने जिनसे भूसा तैयार होना है, वह भी खराब हो रहा है। इससे पशुओं के चारे की समस्या पैदा हो सकती है। भूसा महंगा हो जाएगा।
रामसेवक, प्यारेलाल आदि ने बताया कि बेमौसम बरसात होने से सब्जियों की फसलों को भी काफी नुकसान हुआ है। हरी मिर्च के पेड़ जमींदोज हो गए हैं, जिससे बाजारों में हरी मिर्च की आमद कम हो गई है। 20 से 25 रुपए किलो वाली मिर्च 80 से लेकर डेढ़ सौ रुपए किलो तक बिकने लगी है। टमाटर, बैगन खीरा, भिंडी, लौकी आदि की फसलों को भी नुकसान है। फ़ोटो 41 : उपांशु ग्राम अंडावली के किसान उपांशु का कहना है कि उनकी 15 बीघा सरसों की फसल कटकर खेतों में पड़ी है जिसमें बरसात से भारी नुकसान की संभावना है।
फ़ोटो 42: अजय मिश्रा
नागरी के अजय मिश्रा का कहना है कि उनकी आलू की फसल खोदाई के लिए पड़ी है बार- बार बरसात के चलते आलू खराब होने की आशंका है।
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फोटो 43: शहर में पक्का तालाब पर छाए घने बादल। संवाद
पूरे दिन घिरे रहे बादल, दोपहर में हुई बूंदाबांदी
इटावा। गुरुवार को सुबह कुछ देर की धूप के बाद काली घटाएं छाने और दोपहर में बूंदाबांदी हुई। लोग मौसम में आए बदलाव की वजह से काफी हैरान रहे। बादलों के रुख को देखकर उन्हें भी खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों की फसल की चिंता सताने लगी।
पूरे दिन काले बादल छाए रहे इस दौरान दोपहर में लगा कि शायद बारिश होगी, लेकिन बूंदाबांदी हुई। हालांकि लोगों ने राहत की सांस ली कि बारिश नहीं हुई। लोगों को मौसम में आए बदलाव की वजह से बीमार होने का डर सताने लगा है।