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Etawah News: एससी-एसटी मामले में दो को तीन तीन साल की सजा

Wed, 19 Jul 2023 11:36 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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एससी-एसटी मामले में दो को तीन तीन साल की सजा
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क्रासर
- कोर्ट ने चार हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया


संवाद न्यूज एजेंसी

इटावा। विशेष न्यायाधीश एससीएसटी कोर्ट कुमार प्रशांत ने आठ साल पुराने एससी-एसटी एक्ट के मामले की सुनवाई करते हुए दो लोगों को दोषी पाया। कोर्ट ने दोशी पाए जाने उन्हें तीन तीन साल की सजा सुनाई तथा चार चार हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।

जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि बकेवर कस्बा के मोहल्ला लोहिया नगर निवासी स्वतंत्र कुमार बीस मार्च 2015 को अपने घर से निकल रहा था। तभी रास्ते में मोहल्ले के ही सरताज प आमिर मिल गए। दोनों उसके साथ गाली गलौज कर कहने लगे कि तुम मोहल्ले के लोगों से मेरी दुकान से सौदा न लेने के लिए क्यों कहते हो। इस पर स्वतंत्र कुमार ने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट कर दी।
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वह जान बचाने के लिए अपने घर में घुस गया तो उक्त लोगों ने उसे जाति सूचक गालियों देकर मारपीट की। मोहल्ले के लोगों ने आकर उसे बचाया। उसने थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में उसने कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश पर उसका मामला दर्ज किया गया।
छानबीन के बाद पुलिस ने दोनो के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट करने जान से मारने की धमकी देने व जाति सूचक गालियां देकर अपमानित करने की धाराओं में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिए। विशेष लोक अभियोजक रमा कांत चतुर्वेदी के द्वारा पेश किए गए। साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने सरताज व आमिर को दोषी पाया। दोनों को तीन तीन साल की सजा सुनाई तथा चार-चार हजार का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर उन्हें 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।





यह सामान हुआ बरामद



1061 सिम कार्ड, 1061 आधार कार्ड के अपडेशन फार्म, 12 आधार कार्ड,11 डेबिट व क्रेडिट कार्ड, एक पाॅकेट क्यूआर कार्ड, पांच वोटर आईडी कार्ड, छह बैंक की पासबुक, दो बैंक चैकबुक, 46 पेनकार्ड, दो लैपटॉप, दो सीपीयू, एक मॉनीटर, तीन राउटर, तीन मॉडेम, एक फिंगर प्रिंट स्कैनर, दो माउस एक की-बोर्ड, तीन ऐडप्टर, एक यूएसबी जीपीएस रिसीवर, एक हार्ड डिस्क, एक एसएसडी, एक फोन पे एमाउंट रिसीवर, पांच कनैक्टिंग केबिल, तीन ऐडप्टर चार्जर, दो इंटरनेट केबिल, एक ओएनयू , सात मोबाइल फोन, एक फोर पिन बोर्ड, 500 ब्लैंक वोटर कार्ड व एक गूगल पे एमाउंट पाॅकेट क्यूआर बरामद किया।



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एक-एक लाख में बेचते थे लोगों के खाते::::


एसओ बेचन सिंह ने बताया कि आरोपी लोगों को मुफ्त में फ्री पैन कार्ड बनवाने का लालच देते थे। वह ऐसे लोगों को अपना निशाना बनाते थे जो कम पढ़े लिखे होते थे। इनके प्रमाण पत्रों को कॉपी ले लेते थे। साथ ही उन्हें नई सिम सुविधा से दिलाने की बात कहते थे। उक्त सिम अपने पास रखकर व्यक्ति को फर्जी सिम देकर टरका देते थे। इसके बाद उक्त बैंक की पासबुक, एटीएम आदि फ्रॉड करने वालों को बेच देते थे। एसओ ने बताया कि ऐसे कुछ लोग गुजरात और दिल्ली के जानकारी में आए हैं।
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पढ़े लिखे हैं सभी आरोपी, एक और साथी का नाम आया प्रकाश में:::::


तीनों आरोपी पढ़े लिखे हैं। आशीष बीकॉम किए हुए है तो स्वतंत्र सिंह पॉलीटेक्निक कर चुका है। साथ ही शशिकपूर भी बीएसएसी किए हुए है। पुलिस के अनुसार, तीनों का तकनीकि ज्ञान बहुत मजबूूत है। पूछताछ में आरोपियों के एक और साथी का नाम प्रकाश में आया है। वह शिकोहाबाद का निवासी है। उसकी भी तलाश की जा रही है।
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