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आरोग्य मेला: शहरों में उपचार मिला, गांवों में लटके रहे ताले

Sat, 23 Sep 2023 11:42 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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इटावा। आयुष्मान भव: अभियान के तहत शनिवार को पहली बार जनपद के हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर स्वास्थ्य मेला लगा। शहर के हेल्थ वेलनेस सेंटर तो खुले मिले, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के कई वेलनेस सेंटरों पर ताले लटकते मिले। इनमें चकरनगर में चंद्रहंसपुरा व बसरेहर क्षेत्र के उदयपुरा में भी ताला लटका रहा। ग्रामीण क्षेत्र के कुछ सेंटरों पर खुजली व चोट के ट्यूब तक नहीं मिले।
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शहर के मड़ैया ख्यालीराम स्थित हेल्थ वेलनेस सेंटर पर फार्मासिस्ट रेनू और सहायक मनमोहन मिले। फार्मासिस्ट ने बताया कि दोपहर 12 बजे तक करीब 50 मरीज आए। खांसी, बुखार और त्वचा के मरीज ज्यादा थे। बताया, गर्भवती महिलाएं भी आईं, उनका बीपी चेक किया। घटिया अजमत अली स्थित हेल्थ वेलनेस सेंटर भी खुला हुआ था। तीन बजे तक 35 मरीजों का उपचार किया गया।
चकरनगर क्षेत्र में हेल्थ वेलनेस सेंटर की पड़ताल करने के दौरान हेल्थ वेलनेस सेंटर चंद्रहंसपुरा में रोजाना की तरह शनिवार को भी ताला लटकता मिला। ग्रामीण ब्रजेंद्र सिंह, अमन राजावत, अर्जुन सिंह सेंगर, अमन सिंह, सर्वेश सिंह, मन्नू सिंह, अशोक सिंह, कन्हैया कुमार, शिवम राजावत आदि ने हाथ उठाकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणाें का आरोप है कि अस्पताल दो- चार महीने में एक- दो बार ही खुलता है। करीब एक घंटे बाद ताला लटक जाता है। वह जानते तक नहीं कि कौन यहां पर नियुक्त है। इस वजह से इलाज तक नहीं मिल पा रहा है। ऐसी हालत में झोला छाप से इलाज कराने को मजबूर हैं। कहा कि हेल्थ वेलनेस सेंटर चालू होने के बाद बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की घोषणा कागजों तक सिमट कर रह गई है। मरीजों को डायबिटीज समेत अन्य जांच व चिकित्सा सेवा तक नहीं मिल पा रही है। बसरेहर क्षेत्र के गांव उदयपुरा स्थित हेल्थ वेलनेस सेंटर पर भी शनिवार को ताला लटका मिला। इस वजह से मरीजों को बिना दवा लिए लौटना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया बारिश की वजह से बीमारियां फैल रही हैं। बावजूद इसके अस्पताल नहीं मिलता।
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लोगों की बात
बृजेंद्र राजावत ने बताया कि एक सप्ताह से बुखार आ रहा है। गांव में अस्पताल तो बना दिया गया है, लेकिन खुलता कभी नहीं है। घर पर कोई लड़का भी नहीं है, जो मुझे बाहर से दवा दिलवाकर लाए। अमन ने बताया कि गांव के अस्पताल में कई महीनों से ताला लटक रहा है। वृद्ध लोगों को काफी परेशानी हो रही है। मजबूरी में झोलाछाप से दवा लेनी पड़ रही है। कोई सुनने वाला नहीं है। स्वास्थ्य केंद्र चकवा बुजुर्ग पर गांव की सोनकली बुखार और खुजली की दवाई लेने आई थीं। बताया कि अस्पताल में बुखार की दवा तो मिल गई, लेकिन खुजली व चोट के ट्यूब नहीं मिले। गांव उदयपुर निवासी विष्णु ने बताया कि करीब दो महीने से अस्पताल पर ताला लटका हुआ है। शनिवार को पता चला कि स्वास्थ्य मेला लगेगा, लेकिन फिर भी अस्पताल बंद था।
वर्जन
हेल्थ वेलनेस सेंटर बंद होना घोर लापरवाही है। जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -डॉ.अजय विक्रम सिंह, सीएचसी अधीक्षक चकरनगर।
उदयपुरा उपकेंद्र पर तैनात सीएचओ के त्यागपत्र देने की वजह से किसी की तैनाती नहीं है। एएनएम क्षेत्र में टीकाकरण का कार्य कर रहे हैं, इस वजह से ताला लटका हुआ है। -डॉ.विकास सचान, सीएचसी अधीक्षक, बसरेहर

जनपद के कई ग्रामीण क्षेत्रों में हेल्थ वेलनेस सेंटर बंद होने की वजह हो सकती है। हो सकता है कि स्वास्थ्य टीम किसी गांव में गई हो। मैंने खुद फतेहपुरा, असदपुर व बहादुरपुर समेत कई हेल्थ वेलनेस सेंटरों का निरीक्षण किया, सभी खुले मिले। -डॉ.गीताराम, सीएमओ
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