2022 में गांव के ही चार लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई
पोस्टमार्टम होने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी, लेकिन शिनाख्त न हो पाने की वजह से पुलिस की जांच अधूरी रह रही थी। मां भगवान देवी ने कोर्ट से गुहार लगाकर 2022 में गांव के ही चार लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने शव की शिनाख्त के लिए डीएनए जांच की प्रक्रिया शुरू कराई।
अंतिम संस्कार की आस में बैठे परिजनों को लगा झटका
इस बीच शव को पोस्टमार्टम हाउस के डीप फ्रीजर में रखा दिया था। 26 मार्च 2022 को आई डीएनए रिपोर्ट में स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। इस पर 18 अगस्त 2022 नमूना लेकर फिर भेजा गया। इसकी रिपोर्ट के इंतजार में ही लगभग 11 माह बीत गए। 10 जुलाई 2023 को आई रिपोर्ट ने तीन साल से बेटी के अंतिम संस्कार की आस लिए बैठे परिजनों को झटका लगा।
यकीन नहीं हो रहा है कि यह रिपोर्ट कैसे आ गई
डीएनए रिपोर्ट में दंपती के बेटी नहीं होने की पुष्टि हुई। ऐसे में अब पुलिस शव अपनों की आस में पोस्टमार्टम हाउस में ही इंतजार है। रीता के भाई ने बात करते हुए कहा कि वह उनकी ही बहन का शव है। उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि यह रिपोर्ट कैसे आ गई। बोले- वह कोर्ट में अर्जी लगाकर अन्य प्रदेश की लैबों से जांच कराने की मांग करेंगे।
शव की शिनाख्त के भी प्रयास कराए जा रहे हैं
अगर उनकी बहन का शव नहीं है, तो फिर उनकी बहन है कहां पुलिस अभी तक यह भी जवाब नहीं दे सकी है। सीओ जसवंतनगर अतुल प्रधान ने बताया कि शव की शिनाख्त के लिए डीएनए जांच कराई गई थी। इसमें चक सलेमपुर की भगवान देवी और उनके पति की बाइलॉजिकल संतान नहीं होने की पुष्टि हुई है। अब उनकी बेटी तलाश के साथ ही शव की शिनाख्त के भी प्रयास कराए जा रहे हैं।