इटावा। किशोर न्याय बोर्ड ने 12 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के मामले में अपचारी को दोषी मानते हुए तीन साल के लिए विशेष गृह गाजीपुर भेजने का आदेश दिया है।
घटना थानाक्षेत्र भरेह की है। वर्ष 2017 में यहां एक किसान की 12 वर्षीय पुत्री बकरियां चराने गई थी। तभी गांव के ही किशोर ने हाथ-पांव बांधकर किशोरी से दुष्कर्म किया था। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। प्रकरण की सुनवाई के बाद घटना को जघन्य अपराध मानते हुए किशोर न्याय बोर्ड की पीठासीन अधिकारी समीना जमील, दीपक दीक्षित व सुनीता दीक्षित ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत अपचारी को 3-3 साल की सजा सुनाई। विशेष गृह गाजीपुर भेजने का आदेश दिया। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। वादी पक्ष की ओर से अभियोजन अधिकारी अनिल कुमार यादव व अधिवक्ता अजय कुमार गुप्ता ने पैरवी की। डॉ. दीपक दीक्षित ने बताया कि ऐसे मामलों में विधानानुसार जांच पूरी होने पर 18 वर्ष से अधिक आयु के अपचारी को विशेष गृह गाजीपुर भेजा जाता है। जबकि 18 वर्ष से कम उम्र के अपचारी को विशेष सुधार गृह इटावा में रखा जाता है।