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Etawah News: दंपती की हत्या में तीन आरोपी गिरफ्तार (लीड)

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संवाद न्यूज एजेंसी
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इटावा। इकदिल थाना क्षेत्र के नगला पूठ में हुए दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के अंदर तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके खुलासा कर दिया। दो आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस दबिशें दे रही हैं। तीनों आरोपियों ने कबूल किया है कि उन्होंने चार माह में साजिश करने के बाद फांवड़े और ईंट से सिर कूंचकर हत्या की है। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।


नगला पूठ में मंगलवार सुबह साढ़े छह बजे आशाराम (50) और उनकी दूसरी पत्नी बेवी की फांवड़ा और ईंट से सिर कूंचकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने आशाराम की बहन आशा देवी ने तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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घटनास्थल का निरीक्षण करके एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने टीमें गठित करके जल्द मामले का खुलासा करने के आदेश दिए थे। इस पर एसओ अमित कुमार मिश्रा और एसओजी प्रभारी जय प्रकाश के नेतृत्व में गठित टीमों ने दबिश देकर मृतक के छोटे बेटे राहुल (19) को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।
बड़े बेटे अमित की पत्नी करिश्मा और उसके पिता रामखिलावन को कस्बा इकदिल से गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बुधवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि आरोपियों ने बताया कि चार माह से वह आशाराम और उसकी पत्नी की हत्या करने की योजना बना रहे थे।
आशाराम के सारी जमीन बेच देने से नाराज दोनों पुत्रों के साथ उनकी मां, अमित का ससुर, उसकी पत्नी सभी शामिल थे। छोटे बेटे राहुल ने पूछताछ में कबूला है कि उसने और बड़े भाई अमित व उनके ससुर रामखिलावन कवराबोझ थाना रसूलाबाद जनपद कानपुर निवासी ने मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह बजे पिता के शौचालय से बाहर निकलते ही उन्हें दबोच लिया था और उनके सिर पर फांवड़े और ईंट से वार करके मार डाला।
चीख सुनकर उन्हें बचाने आई सौतेली मां बेवी को सगी मां गीता और भाभी करिश्मा फांवड़ा मारकर मार डाला। भाभी के पिता रामखिलावन ने उनकी भागने और योजना बनाने में पूरी मद्द की थी। एसएसपी ने बताया कि अमित और उसकी मां की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा।
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पैर टूटने के बाद कर्जदार हो गया था आशाराम

वारदात के करीब 14 घंटे बाद मंगलवार रात आशाराम की बहनें रामा, आशा, रामबेटी, किरन और सबसे छोटी प्रिया पांचों बहनें पोस्टमार्टम हाउस पहुंची थीं। उनके साथ बेवी की दोनों बेटियां भी पहुंचीं थी। रात में बेटियां गांव में घर जाने के कुछ देर बाद दिल्ली लौट गईं। बुधवार को पांचों बहनों और बहनोइयों के बीच अंतिम संस्कार किया। आशाराम की बहन आशा ने बताया कि दूसरी पत्नी बेवी को ब्रेस्ट कैंसर था। उसका कुछ साल पहले ऑपरेशन कराया था। इसमें करीब आठ लाख रुपये खर्च हुए थे। इसके बाद उसके कीमो के लिए वह बेवी को बीकानेर ले गया था। यहां से आते वक्त वह हादसे का शिकार हो गया था। उसमें उसका पैर टूटने के बाद ऑपरेशन कराया। उसके बाद से उस पर कर्ज हो गया था। इसलिए ही वह अपनी जमीन बेच दी थी।
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