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Etawah News: आंखों में दर्द तो है पर डाॅक्टर नहीं

Wed, 26 Jul 2023 12:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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इटावा। उमस के साथ आई फ्लू का कहर भी बढ़ता जा रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। जिले की आठ सीएचसी में से छह पर नेत्र चिकित्सक की तैनाती ही नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों को सैफई मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल तक दौड़ लगानी पड़ रही है। भीड़ अधिक होने की वजह से दो-दो दिनों तक भागदौड़ करनी पड़ रही है।
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भीषण गर्मी में बहता पसीना आंखों में जाने से लोग संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। एक व्यक्ति को होने के बाद उसकी ओर से देखने से यह संक्रमण तेजी से फैल रहा है। शहरों से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों के लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में अस्पतालों में मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों की सीएचसी में डॉक्टरों की कमी मरीजों को परेशान कर रही है। जिले की बसरेहर सीएचसी को छोड़कर किसी में भी आंखों के डॉक्टर की तैनाती नहीं है। ऐसे में यहां आने वाले मरीजों को फार्मासिस्ट बिना जांच के ही ड्राप देकर चलता कर दे रहे हैं। कई मरीजों को जिला अस्पताल और सैफई मेडिकल कॉलेज तक दौड़ लगानी पड़ रही है। राजपुर, सरसईनावर, उदी, जसवंतनगर, महेवा, सैफई, भरथना में आंखों का डॉक्टर नहीं है।
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उधर, बकेवर के 50 शैया अस्पताल में भी नेत्र चिकित्सक की तैनाती नहीं हो से जिले के सबसे बड़े ब्लाक क्षेत्र के लोगों को 40 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल तक आना पड़ रहा है। मंगलवार को जिला अस्पताल में लगभग 1100 मरीज ओपीडी में आए। इनमें से लगभग 40 प्रतिशत मरीज आखों में खुजली और लालामी के थे। भीड़ अधिक होने की वजह से कुछ मरीजों का नंबर नहीं आ सके। उन्हें निराशन होकर लौटना पड़ा। वहीं सैफई मेडिकल कॉलेज में लगभग तीन हजार मरीज आए। इनमें भी लगभग एक हजार मरीज आंखों की दिक्कत के आए।




जसवंतनगर के मोहल्ला होमगंज निवासी मंजू देवी फ्लू से पीड़ित हैं। बताया कि सीएचसी में जाने पर पता चला कि यहां आंखों के डॉक्टर नहीं है। जिला अस्पताल जाने की सलाह दी है। अब बुधवार को जिला अस्पताल जाएंगे। गर्मियों में अस्वस्थ होने में इतनी दूर अस्पताल जाने में परेशानी होती है।



ताखा के निशांत मिश्रा ने बताया कि दो दिन से उनकी आंखों में जलन के साथ खुजली हो रही है। इसलिए वह मंगलवार को सरसईनावर सीएचसी में दिखाने के लिए गए थे। यहां पता चला कि आंखों के डॉक्टर ही नहीं हैं। जिला अस्पताल या सैफई मेडिकल कॉलेज जाने की सलाह दी गई है। अब बुधवार को दिखाने जाएंगे।






सीएमओ डॉ. गीताराम ने बताया कि पूरे प्रदेश में ही डॉक्टरों की कमी चल रही है। नेत्र चिकित्सकों का भी संकट है। इसके लिए शासन को पत्र लिखकर डॉक्टर मांग गए हैं।
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