- अभी नदी किनारे गांवों में पानी न पहुंचने से ग्रामीणों व प्रशासन को राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा/बकेवर। यमुना नदी खतरे के निशान से 26 सेंमी. दूर रह गई। बुधवार रात में यमुना नदी का जलस्तर थमने के बाद करीब आठ सेमी तक गिरा था। कुछ घंटे बाद ही फिर से बढ़ना शुरू हुआ। अब एक सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है। नदी के किनारे के खेतों को पानी चपेट में लेने लगी है।
यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी के किनारे के गांवों के लोगों में बाढ़ की आशंका होने लगी है। गांवों से अभी पानी अभी काफी दूर है। निचले स्थान पर बसे लोग पानी बढ़ने की स्थिति पर नजर रखकर अपने घर गृहस्थी व सामान को ऊपरी स्थान पर पहुंचाने का विचार कर रहे हैं। शहर के धूमनपुरा, सुनवारा और तलहटी गांव में खतरे का निशान पार करते ही पानी घुस जाता है। ऐसे में लगातार बढ़ रहे पानी को देखकर लोग अब गांवों से बाहर निकलने की तैयारी करने लगे हैं।
वहीं, बकेवर क्षेत्र के यमुना नदी के किनारे के तकरीबन छह गांवों में बाढ़ का पानी घुस जाता है। वहीं लवेदी क्षेत्र के तकरीबन आठ से 10 गांवों में बाढ़ अपना कहर दिखाती है। पिछली साल यमुना नदी में बाढ़ आने से शहर के जहां तीनों गांव जलमग्न हो गए थे, वहीं बकेवर व लवेदी थाना क्षेत्र के दस गांवों लखनपुर घार, कछपुरा, चिंडोली, बिजहाई, अंदावा की मड़ैया, दिलीपनगर, बंगलन में पानी आ गया था। इससे गांवों में खेतों में खड़ी किसानों की फसलें नष्ट हो गई थीं।
कछपुरा निवासी शीतल कहते है कि अभी पानी गांवों के रास्तों तक नही आया है। जलस्तर और बढ़ने से पानी गांव में आ सकता है। गुरुवार को यमुना का जलस्तर शाम बजे 121.66 हो गया है, जबकि बुधवार रात्रि एक बजे 121.56 था। उसके बाद जलस्तर थमने के बाद गिरना शुरू हुआ था। जो करीब सात से आठ सेमी तक गिरा था। 121.49 तक पहुंच गया था, लेकिन कुछ जलस्तर गिरने के बाद यह गुरुवार भोर से फिर से बढ़ना शुरू हो गया। केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी अभिषेक से जानकारी करने पर बताया कि यमुना के जलस्तर की रफ्तार बुधवार दो सेमी प्रति घण्टे बढ़ रहा था। पानी की रफ्तार रुकने के बाद अब गुरुवार एक सेमी प्रति घंटे की है।