पत्रकारों से बातचीत करती माकपा नेता सुभाषिनी अली
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माकपा नेता पोलित ब्यूरो की सदस्य सुभाषिनी अली ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूरी तरह से आरएसएस के नियंत्रण में है। हाल ही पेश बजट को किसान हित में बताने का ढिढोरा पीटा गया, जबकि खाद पर सब्सिडी खत्म करके किसानों पर बोझ बढ़ाया गया है।
स्वामीनाथ कृषि आयोग की सिफारिशों को लागू करने के चुनावी वादे से मुकरते हुए मोदी सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में इन्हें पूरा न कर पाने का हलफनामा दाखिल किया है। यूपी की अखिलेश सिंह यादव सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कानून व्यवस्था को लेकर हाहाकार मचा है।
सांप्रदायिक ताकतों पर शिकंजा कसने में यह सरकार पूरी तरह से अक्षम साबित हुई है। वह सोमवार को यहां एक होटल में पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। जेएनयू मामले से चर्चित हुए कन्हैया को पाक साफ ठहराते हुए कहा कि विश्व विद्यालयी कमेटी ने भी सभी आठ छात्रों को निर्दोष बताया है।
सभी के निलंबन वापस हो गए हैं। उन्होंने कहा कि हरकत करने वाले कश्मीर के कुछ नकाबपोश लोग थे, जिन्हें पकड़ा नहीं गया। क्योंकि जम्मू कश्मीर में भाजपा पीडीपी में मिलकर सरकार बनाने की बात चल रही है। प्रदेश सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि इस सरकार ने भूमि अधिग्रहण के तमाम नए और अन्यायपूर्ण तरीके अपना रखे हैं।
किसानों ने जब इसका विरोध किया तो उनके आंदोलन को कुचलने का प्रयास हुआ। सुभाषिनी अली ने कहा कि बुद्धिजीवी, चिंतक विश्वविद्यालयों में ही पैदा होते हैं। लेकिन दूसरी ओर संविधान, विचारों की आजादी, खुली बहस और छात्रों के तमाम अधिकारों पर सरकार ने एक तरह से हमला बोल दिया है। इसके पीछे आरएसएस का एजेंडा साफ तौर पर दिखाई देता है।