- कोर्ट ने आठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दस यज्ञेश चंद्र पांडेय ने हत्या के प्रयास के आठ साल पुराने मामले में दोषी को 10 साल की सजा सुनाई। कोर्ट ने उस पर आठ हजार का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर छह माह अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चतुर्वेदी ने बताया कि सैफई निवासी राजवीर गुप्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि उसके भतीजे अतुल का गांव के ही राजू शाक्य से विवाद हो गया था। इस पर राजू शाक्य ने उसे देख लेने की धमकी दी थी।
12 मई 2017 की रात को च परिवार के साथ घर पर सो रहा था। अतुल भी कमरे में सो रहा था तभी राजू शाक्य तमंचा लेकर उसके घर में घुस गया ओर गली गलौज करने लगा। इस पर परिवार के लोग जाग गए। परिवार के लोगों ने गाली देने से मना किया तो उसने तमंचे से फायर कर दिया। गोली उसके पिता रमेश चंद की कनपटी में जा लगी। इससे वह घायल हो गए। बाद में राजू धमकी देते हुए भाग निकला।
पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट की धाराओं में आरोप पत्र कोर्ट में पेश कर दिए। सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में हुई।
अपर शासकीय अधिवक्ता के द्वारा पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने उसे दोषी पाया और दस साल की सजा सुनाई। अपर शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि आरोपी ने कुछ झूठे साक्ष्य पेश किए, जिसका कोर्ट ने संज्ञान लिया।