इटावा। कोहरे के कारण ट्रेनों की लेटलतीफी यात्रियों के सिरदर्द बनी हुई है। रविवार को लखनऊ से दिल्ली जा रही तेजस एक्सप्रेस लगभग दो घंटे देरी से चलने की वजह से पेंट्रीकार में खाने-पीने का सामान खत्म हो गया। यात्रियों को राहत देने के लिए नॉन स्टाप तेजस एक्सप्रेस को इटावा स्टेशन पर रोका गया। लगभग तीन मिनट ट्रेन रुकने के दौरान यात्रियों ने चाय-नाश्ता खरीदा तब कहीं उन्हें राहत मिली।
रविवार की सुबह धूप भले निकली हो, लेकिन रेलवे ट्रैक पर कोहरा का असर देखने को मिला। ट्रेनें काफी देरी से पहुंचीं। लखनऊ से नई दिल्ली जाने वाली नॉनस्टाॅप तेजस एक्सप्रेस कानपुर से करीब 20 मिनट देरी से चली लेकिन गाजियाबाद पहुंचने के समय से कुछ पहले 11:26 बजे वह इटावा तक आ सकी। तेजस को कानपुर से इटावा आने में करीब तीन घंटे 46 मिनट का समय लग गया। ट्रेन को इटावा में प्लेटफार्म नंबर दो पर रोका गया। पेंट्रीकार में खाने-पीने का सामान न होने की वजह से यात्रियों को चाय-नाश्ता खरीदना पड़ा।
इस बारे में स्टेशन अधीक्षक पीएम मीना ने बताया कि ट्रेन यात्रियों के चाय नाश्ता के लिए ट्रेन रोकी गई थी। ट्रेन के 11:53 बजे गाजियाबाद पहुंचने का समय है। ट्रेन 20 मिनट देरी से 7:40 बजे कानपुर से रवाना हुई थी। रविवार को कानपुर से आने वाली ट्रेनों में गोमती एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे, फरक्का एक्सप्रेस 15 घंटे, कैफियत एक्सप्रेस 14 घंटे, अवध एक्सप्रेस 10 घंटे, कानपुर- टूंडला मेमू दो घंटे की देरी से आईं। नई दिल्ली की ओर से आने वाली स्वर्ण शताब्दी डेढ़ घंटे, नीलांचल एक्सप्रेस साढ़े सात घंटे, नार्थ ईस्ट डेढ़ घंटे, कालका- हावड़ा एक घंटा देरी से स्टेशन पर आईं।