दलदल में बेजुबान, हलक में अटकी जान, जिम्मेदार अनजान
फोटो संख्या 15 ऊनवा संतोषपुर में दलदल बनी गौशाला में बैठे गोवंश। संवाद
फोटो संख्या 16 मामन हिम्मतपुर के गोशाला में कीचड़ में बैठे गोवंश। संवाद
अनदेखी के चलते बारिश में आश्रय स्थल बदहाल, जलभराव से हुआ दलदल, चौतरफा फैली गंदगी
- जिले की कुल 91 गोशालाओं में संरक्षित हैं करीब 11 हजार गोवंश
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। लगातार हो रही बारिश से जहां आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है, वहीं गोशालाओं का हाल बेहाल है। कुछ गोशालाओं में इंटरलॉकिंग ईंटें बिछी होने से स्थिति ठीक है, लेकिन ज्यादातर छोटी और अस्थाई गोशालाओं के परिसर में बारिश की वजह से दलदल है। इनमें गोवंश परेशान हो रहे हैं।
जिले में लगभग 91 गोशालाएं संचालित हैं। इनमें से दो वृहद गोशालाएं हैं। जबकि ग्राम पंचायतों में करीब 73 अस्थाई गोशालाएं संचालित हैं। करीब तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश से वृहद गोशालाओं में तो इंटरलॉकिंग ईंटें और पर्याप्त जगह होने की वजह से स्थितियां ठीक हैं, लेकिन अस्थाई गोशालाओं में हाल बेहाल है।
अधिकांश गोशालाओं में क्षमता से अधिक गोवंश हैं। 73 ग्राम पंचायतों में लगभग 5244 की क्षमता है। इसके सापेक्ष इनमें लगभग साढ़े सात हजार गोवंश हैं। कच्ची गोशालाओं में बारिश के बीच दलदल हो गया है। दलदल के बीच गोवंश परेशान हैं। रात-रात भर खड़े होकर गोवंश काट दे रहे हैं। दलदल अधिक हो जाने की वजह से कई गोवंश उसी में बैठ रहे हैं।
जसवंतनगर। ग्राम जगसोरा में स्थित गोशाला 77 गोवंश हैं। गोवंशों को खाने के लिए सूखा भूसा मिल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार आए दिन गोवंश मर रहे हैं। इन्हें केयरटेकर दफना देते हैं। गोशाला में विशाल कीचड़ भरा हुआ है। इससे गोवंशों को खाने पीने के लिए परेशानियां हो रही है। उनके लिए बैठने के लिए सूखी कोई जगह नहीं है। टिन शेड छोटा होने के कारण गोवंशों को बाहर ही बैठना पड़ रहा है। प्रधान राधा देवी ने बताया कि गोशाला में जलभराव की समस्या है। जल्द ही इंटरलॉकिंग कराकर व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाएगा। (संवाद)
भरथना। गांव कुंअरा की गोशाला का फर्श ज्यादातर कच्चा होने की वजह से इन दिनों बारिश के कारण दलदल है। केयर टेकर सत्यप्रकाश ने बताया कि भूसे वाले कमरों में पानी भरने से भूसा गांव में दूसरे गोदाम में रखा जाता है। इस समय लगभग 70 गोवंश हैं। प्रधान प्रतिनिधि शंकर सविता ने बताया कि में लगे तीन टीन शेड के नीचे पक्का फर्श है।शेष हिस्से में मिट्टी डलवाकर ढलान बनाई है। बरसात का पानी कुछ देर बाद बाहर निकल जाता है। पिछले सात महीने से भूसा आदि का भुगतान नहीं मिला है। (संवाद)
15 दिन पहले डलवाई थी मिट्टी, अब दलदल
बसरेहर। विकासखंड बसरेहर के गांव ऊनवा संतोषपुर की गोशाला में बरसात के कारण दल दलहो गया है। 65 गोवंशों में से कई दलदल में रहने से बीमार हो रहे हैं। कुछ निकल नहीं पा रहे हैं,कुछ वहीं के वहीं बैठे जा रहे हैं। पंचायत सचिव धर्मेंद्र यादव ने बताया कि गोशाला में जलभराव को रोकने के लिए 15 दिन पहले मिट्टी डलवाई गई थी। उसके बाद से लगातार बरसात होने से कीचड़ हो रहा है। साढ़े तीन लाख के बजट से गोवंशों के लिए अतिरिक्त टिनशेड एवं भूसा की नादों का निर्माण कार्य चल रहा है। बारिश की वजह से ही बंद पड़ा है।
गोवंशों को नहीं मिल रहा हरा चारा, कीचड़ भी भरा
बकेवर। गोशालाओं में बारिश की वजह से हरा चारा नहीं मिलने से गोवंशों को सूखा भूसा खिलाया जा रहा है। बारिश के चलते गोवंशों को कीचड़ में रहना पड़ रहा है। गांव इंद्रोसी की गोशाला में हरा चारा दिख नहीं रहा था, गोवंश भी कमजोर हैं। टिनशेड पड़ा है, फिर भी गोशाला में कीचड़ है। गोशाला की देखरेख करने वाले सोनू व अनिरुद्ध के अनुसार 26 गोवंश बंद हैं। बकेवर नगर पंचायत की गोशाला में दोपहर करीब साढ़े 12 बजे गोवंश सूखा भूसा खाते मिले। नगला बनी में गांव के सामने जलकल परिसर में बनी गोशाला में टीनशेड पड़े जरूर हैं, लेकिन पर्याप्त नहीं हैं। अन्य स्थान पर बांस के टट्टर पड़े हैं। गोशाला पक्की है लेकिन अंदर कीचड़ है।
नगर पंचायत बकेवर के गोशाला की देखरेख करने वाले स्वीकृत शरण ने बताया गोशाला में 78 गोवंश हैं। गोशालाओं में तीन लोग हैं। एक गोशाला में नाले का पानी भर जाने के कारण दोनों गोवंशों को एक साथ रखना पड़ रहा है।
सहसो में छह गोवंश बीमार, चारा काटने वाली मशीन में कनेक्शन नहीं
चकरनगर। सहसो गोशाला में करीब छह गोवंश बीमार पड़े हैं। ग्रामीणों के अनुसार कई गोवंश मर रहे हैं। गोशाला की हालात देखने पर पता चला कि चारा काटने वाली मशीन का बिजली कनेक्शन नहीं है। इस वजह से गोवंश भूख से बेहाल हैं। गोशाला के केयरटेकर मंजू के अनुसार गोशाला में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है। जबकि हकीकत यह है कि गोशाला में घुसा नहीं जा रहा है, गोवंश भी बेमौत मर रहे हैं।ग्राम प्रधान सोना देवी के प्रतिनिधि राहुल कुमार ने बताया गाेवंशों को हरा चारा खिला रहे हैं। जो बीमार हैं उनका इलाज करवा रहे हैं। गौशाला में किसी प्रकार की ऐसी कोई शिकायत नहीं है जो भयावह हो।
वर्जन
गोशालाओं में कीचड़ की मुख्य वज़ह बारिश हैं। गाेवंश गीले स्थान पर बैठना पसंद नहीं करते हैं। जिन गोशालाओं में चारे, पानी और गौवंश के बीमार होने की समस्या हैं उनका निरीक्षण करके दुरस्त कराने का प्रयास किया जाएगा।-डॉ. मनोज गुप्ता, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
वर्जन
बारिश की वजह से कुछ गोशालाओं में दलदल हो रहा है। सभी को निर्देशित किया गया है कि कीचड़ को हटवाकर गोशालाओं की व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए। आदेशों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- श्रीकृष्ण, जिला विकास अधिकारी।